वाराणसी। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देख नगर निगम और अग्निशमन विभाग ने 15 अप्रैल से सैनिटाइजेशन के लिए महाभियान चला रखा है। दावा किया जा रहा है कि गली, मोहल्ले, सड़क और सरकारी संस्थाओं में सैनिटाइजेशन का काम हो रहा है। जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। ज्यादातर गली और मोहल्लों में सैनिटाइजेशन नहीं हो रहा है। कोविड मरीज वाले मोहल्ले में भी काम नहीं हो रहा है। कई इलाके ऐसे भी हैं जहां लोगों की कोरोना से मृत्यु भी हो चुकी है। परिवार के अन्य सदस्यों का इलाज चल रहा है। लोगों का आरोप है कि सैनिटाइजेशन का कार्य गली मोहल्लों में न कराकर केवल सड़कों, सरकारी विभागों और निजी प्रतिष्ठानों में कराया जा रहा है। मात्र खानापूर्ति हो रही है। ऐसे में गली मोहल्लों में लोगों की सुरक्षा खतरे में है। अगर महाभियान पूरे शहर में चलता तो संक्रमण की रोकथाम में काफी सहायता मिलती।
ये है दावा
नगर निगम 90 वार्डों में 96 टीमों का गठन कर 140 हैंड स्प्रे मशीन से सैनिटाइजेशन करा रहा है। वहीं, अग्निशमन विभाग 15 अप्रैल से अब तक कुल 1,541 स्थानों को सैनिटाइज कर चुका है। जबकि शहर के ज्यादातर इलाके ऐसे हैं जहां अब तक एक बार भी सैनिटाइजेशन का कार्य नहीं हुआ।
कोरोना की वजह मैं, छोटा भाई, और मेरी मां संक्रमित थे। मां की कुछ दिनों पहले मृत्यु हुई है। मोहल्ले में एक और महिला ने कोरोना से दम तोड़ दिया, लेकिन अब तक इलाके में सैनिटाइजेशन नहीं कराया गया।
- शुभम गुप्ता, जेडी नगर फेज-2, अकथा
मेरे गली और मोहल्ले में अभी तक एक बार भी सैनिटाइजेशन नहीं कराया गया। जबकि संक्रमण इतनी तेजी से फैल रहा है। नगर निगम की ओर से कोई छिड़काव करने नहीं आता।
- अनिल कुमार, अंधरापुल
हमारे मोहल्ले में काफी आबादी होने के कारण संक्रमण का खतरा ज्यादा है। जब से मामलों में तेजी आई है तब से अब तक एक बार भी गलियों में सैनिटाइजेशन नहीं कराया गया।
- मोहम्मद फरहान, मछोदरी
कोरोना की वजह से सभी लोग घर में हैं। रोडवेज और रेलवे स्टेशन पास होने की वजह से हमारे क्षेत्र में यात्रियों का आवागमन हमेशा रहता है। बावजूद मोहल्ले की गलियों में छिड़काव नहीं किया जाता।
- गौरव शर्मा, मलदहिया