सारनाथ के आशापुर सफाई चौकी पर बृहस्पतिवार सुबह एक सफाई कर्मचारी ने आत्मदाह का प्रयास किया। वहां मौजूद लोगों की सतर्कता से उसे रोक लिया गया। बाद में उसका भुगतान जल्द करा देने का आश्वासन दिया गया, तब वह काम पर वापस लौट गया। सफाई कर्मी ने आरोप लगाया कि डूडा के द्वारा नाला सफाई करने के बाद तीन महीने से मानदेय नहीं मिल रहा है। किराए के पैसे नहीं देने पर मकान मालिक ने घर से निकाल दिया है।
बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 10 बजे सफाईकर्मी आशापुर सफाई चौकी पहुंचा और दरवाजे पर बैठ गया। जब किसी भी अधिकारी ने उसकी बात नहीं सुनी तो उसने अपने ऊपर केरोसिन तेल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। अगल-बगल के दुकानदारों ने उसे रोक लिया। सूचना पर आशापुर पुलिस चौकी की टीम मौके पर आई।
सफाईकर्मी अवधेश ने बताया कि तीन माह पहले डूडा के एक कर्मचारी सुनील कुमार ने नौकरी दिलाने के नाम पर 100 रुपये का फार्म भरवाया। कहा कि नाला सफाई का कार्य है। इसके एवज में प्रत्येक माह दस हजार तीन सौ रुपए दिए जाएंगे। तब अवधेश ने काम शुरू कर दिया। कहा कि तीन माह हो गए लेकिए एक भी पैसा नहीं मिला।
बताया कि वह अपने परिवार के साथ पंचकोसी में किराए के कमरे में रहता था। किराया नहीं देने पर मकान मालिक ने दुर्व्यवहार कर कमरे से बाहर निकाल दिया। पांच दिन से अपने पैसे के लिए सफाई चौकी का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कोई भी अधिकारी मेरी बात नहीं सुन रहा।