उन्होंने कहा कि मैकेनिकल रोड स्वीपिंग, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, जीआईएस आधारित बीट मैपिंग, मॉडल वार्ड और प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर देने की जरूरत है। सभी वाडों के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्ग्रहण व्यवस्था को और मजबूत किया जाए और कूड़े का उठान हर हाल में सौ फीसदी हो।
सफाई व्यवस्था की निगरानी और ट्रैकिंग को डिजिटल बनाने के लिए जीआईसी आधारित बीट मैपिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके जरिए सफाई कर्मचारियों की तैनाती, बीट दूरी, वाहन और सुपरवाइजर की जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा लोगों को जागरुक करने और गंदगी फैलाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई भी करनी होगी।