जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा का दावा है कि कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि वाराणसी में गंगा नदी को ड्रेजिंग करने के करीबन 11.95 करोड़ का प्रोजेक्ट था जो यूपीपीसीएल द्वारा कराया जा रहा था। प्रोजेक्ट का पूरा पेमेंट नहीं हुआ है। प्रोजेक्ट विभाग को हस्तांतरित नहीं हुआ था। बनारस में और भी कई प्रोजेक्ट डूबे हैं।
ड्रेजिंग के जरिये नहर से निकाली गई बालू को नीलाम करके पहले ही सरकार को तीन करोड़ रुपये मिल चुके हैं। अभी कांट्रेक्टर की लायबिलिटी में ही यह प्रोजेक्ट है। जैसे ही गंगा का पानी उतरेगा वैसे नहर से बालू निकालकर दुबारा आकार में लाया जाएगा और प्रोजेक्ट पूरा होने पर ही पेमेंट होगा और हस्तांतरण होगा।
अब आगे का काम सितंबर के अंत में होगा। नहर में मिट्टी न जाने पाए, इसके लिए कुछ मोडिफिकेशन सोचा जा रहा है। प्रोजेक्ट की डिजाइन में संशोधन कराया जाएगा, ताकि नहर में कम से कम बालू या मिट्टी भरे।