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छात्रसंघ चुनावः संपूर्णानंद संस्कृत विवि में अध्यक्ष पद पर विद्यार्थी परिषद के बृजेश कुमार जीते

Sat, 30 Dec 2017 09:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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नवनिर्वाचित अध्यक्ष बृजेश कुमार त्रिपाठी को उठाकर खुशी मनाते समर्थक - फोटो : अमर उजाला
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शनिवार को गहमा गहमी के बीच हुए छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पैनल से बृजेश कुमार त्रिपाठी ने जीत दर्ज की। बृजेश ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी एनएसयूआई के राहुल उपाध्याय को 11 मतों से हराकर ये जीत दर्ज की।
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चुनाव में कुल 2107 मत में 1339 विद्यार्थियों ने मतदान किया। इसमें अध्यक्ष पद पर बृजेश को 633, राहुल को 622 मत मिले उधर उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के अनुराग पांडेय और इसी पैनल से महामंत्री पर लालता मिश्र ने जीत दर्ज की।

पुस्तकालय मंत्री पद पर विद्यार्थी परिषद पैनल से अखिलधर द्विवेदी पहले ही निर्विरोध निर्वाचित किए जा चुके हैं। चुनाव अधिकारी प्रो. हरिशंकर पांडेय की परिणाम की घोषणा के बाद कुलपति ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और प्रमाण पत्र प्रदान किया।
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कड़ी सुरक्षा के बीच चार बूथों पर हुए चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री, पुस्तकालयमंत्री पद पर कुल 10 प्रत्याशी मैदान में थे जबकि पांच संकायों के लिए 14 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होना था।

सुबह 9 से दो बजे तक 1339 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें 1860 पुरुष में 1196 और 247 महिला मतदाताओं में 143 ने मतदान किया। शाम साढ़े तीन बजे से शुरू मतगणना करीब साढ़े छह बजे तक चली। 
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अलग-अलग हुआ पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण

शपथ ग्रहण के बाद प्रमाणपत्र देते कुलपति प्रो. यदुनाथ दुबे - फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले संकाय प्रतिनिधियों का परिणाम आया, इसके बाद उपाध्यक्ष, महामंत्री और फिर अंतिम में अध्यक्ष पदों के लिए गणना हुई। मतगणना पूरी होने पर अध्यक्ष पद पर बृजेश के 11 वोट से जीतने की खबर जैसे ही सामने आई, एनएसयूआई प्रत्याशी ने आपत्ति जताते हुए दुबारा मतगणना कराने की बात कही।

इसके बाद दुबारा मतगणना हुई लेकिन परिणाम में कोई अंतर नहीं आया। अंत में चुनाव अधिकारी ने विजयी पदाधिकारियों की घोषणा की। कुलपति ने सभी को बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की।

मतदान में कुल 106 मत अवैध पड़े। इसमें अध्यक्ष पर 29, उपाध्यक्ष 33, महामंत्री 28, साहित्य संस्कृति संकाय 8, दर्शन संकाय प्रतिनिधि पद पर 4 मत शामिल हैं। विश्वविद्यालय चुनाव में यह पहला मौका है जब विजयी पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण अलग-अलग हुआ।

चुनाव अधिकारी ने जैसे ही शपथ ग्रहण के लिए घोषणा की। पदाधिकारी पहुंचे लेकिन एनएसयूआई के प्रत्याशियों संग रहे नेताओं, पूर्व पदाधिकारियों ने अलग-अलग शपथ की बात कही। चुनाव अधिकारी ने मनाने का प्रयास भी किया लेकिन जब नहीं माने तो हुआ भी यही।

पहले अध्यक्ष-पुस्तकालयमंत्री और बाद में उपाध्यक्ष-महामंत्री और फिर सभी संकाय प्रतिनिधि एक साथ कुलपति के समक्ष शपथ ग्रहण किए। अमूमन एक साथ ही पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण होता है। 
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