महाविद्यालयों का होगा विकास
कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े लगभग 1000 महाविद्यालयों के विकास की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। महाविद्यालय जब मजबूत होंगे तो विश्वविद्यालय भी प्रगति करेगा। नई शिक्षा नीति के तहत इन संस्थानों का विकास करना है। विश्वविद्यालय से जुड़े मूर्धन्य विद्वानों के जीवन पर आधारित वृतचित्र तैयार कराया जाएगा।
पर्यटन के नक्शे पर आएगा संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय
प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की भी योजना है। विश्वविद्यालय का मुख्य भवन, वेधशाला और सरस्वती भवन पुस्तकालय प्राचीन भवन हैं। इनको पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाएगा और बनारस आने वाले पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का केंद्र होंगे।
कुलपति का किया स्वागत
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के नवागत कुलपति से शिष्टाचार भेंट करने वालों में प्रो. रामपूजन पांडेय, प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो. सुधाकर मिश्र, प्रो. रमेश प्रसाद, महेंद्र पांडेय, प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी, प्रो. अमित शुक्ल, डॉ. पद्माकर मिश्र, परीक्षा नियंत्रक विशेश्वर प्रसाद, कार्यवाहक कुलसचिव केशलाल, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुनील कुमार तिवारी आदि थे। कुलपति से छात्रसंघ संयोजक डॉ. अखिलेंद्र त्रिपाठी, छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्ण मोहन शुक्ल, महामंत्री शिवम चौबे, पुस्तकालय मंत्री आशुतोष कुमार मिश्रा, राष्ट्रीय संस्कृत संरक्षण मंच के अध्यक्ष डॉ. साकेत शुक्ला, पूर्व महामंत्री नरेन्द्र कुमार मिश्र व लालता मिश्रा, अभिषेक शुक्ल, संतोष दुबे, राहुल उपाध्याय, अनुराग पांडेय, अतुल दुबे, दुर्गेश दुबे, रिशु तिवारी आदि भी मिले।
कुलपति ने बुलाई बैठक
संस्कृत विश्वविद्यालय के नवागत कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही एक्शन मोड में नजर आए। कुलपति ने सोमवार 14 जून को सभी संकायाध्यक्ष और विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। बैठक सुबह 11.30 बजे योग साधना केंद्र में होगी।