संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में शुक्रवार को 35 मेधावियों में 60 पदक और 24696 को उपाधियां वितरित की गईं। पद्मश्री प्रो. भागीरथ प्रसाद त्रिपाठी ‘बागीश शास्त्री’ को डीलिट उपाधि दी गई। बतौर मुख्य अतिथि यूजीसी की सदस्य प्रो. उमा चंद्रशेखर वैद्य और कुलाधिपति रामनाईक के हाथों सभी मेधावियों को स्वर्ण पदक दिया गया। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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एक नजर में दीक्षांत समारोह
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36वां दीक्षांत समारोह
- फोटो : amar ujala
इस दौरान कुलाधिपति ने विद्यार्थियों से जीवन में प्रमाणिकता और पारदर्शिता बनाए रखने का आह्वान किया। कहा कि अगर ये दोनों साथ हैं तो सफलता पाने से कोई रोक नहीं सकता। कुलाधिपति ने कहा कि साल दर साल यूपी की शिक्षा व्यवस्था में सुधार दिख रहा है। पदक, उपाधि पाने वालों में छात्रों की तुलना में छात्राओं का प्रतिशत बढ़ता जा रहा है। पिछले साल जहां यूपी में 51 प्रतिशत छात्राओं ने उपाधियां प्राप्त की थीं, वहीं इस साल अब तक यह संख्या बढ़कर 55 प्रतिशत हो गई है।
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- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान कुलाधिपति ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदानों की चर्चा की। अतिथियों का स्वागत कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल और कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव राजबहादुर यादव ने किया। समारोह में काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. टीएन सिंह, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया से प्रो. योगेंद्र सिंह, पूर्व कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दूबे सहित कई लोग मौजूद रहे।
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यूजीसी की सदस्य प्रो. उमाशंकर वैद्य ने मेधावियों को पदक वितरित करने के बाद उनसे संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए आगे आने का आह्वान किया। कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा की रक्षा की जिम्मेदारी सभी की है। दीक्षांत में यह सम्मान पाने के बाद जिम्मेदारियां और बढ़ जाती हैं।
विश्वविद्यालय में आचार्य दर्शन शास्त्र का छात्र लेखनाथ पौडयाल आठ पदकों के साथ टॉपर रहा। सात स्वर्ण और एक रजत पदक पाने वाले नेपाल के सुनसरि निवासी इस होनहार ने बताया कि शिक्षक बनकर संस्कृत का प्रचार प्रसार करने का सपना है। बताया कि नेपाल में जब से वामपंथियों की सरकार आ गई है तब से संस्कृत की उपेक्षा हो रही है। पहले ऐसा नहीं था। पिता नंदलाल और माता सीता का सपना था कि संस्कृत के माध्यम से शिक्षा की अलख जगाऊं। उसी को पूरा करने के लिए बनारस आकर शिक्षा ग्रहण कर रहा हूं। बताया कि शोध की तैयारी चल रही है