सपा सरकार की महत्वाकांक्षी समाजवादी पेंशन योजना की जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मऊ जिले में इस योजना में 13 हजार 887 अपात्र अवैध रूप से पेंशन लेते मिले हैं।
इनमें चार पहिया रखनेवालों से लगायत पक्के मकानों वाले तथा सरकारी नौकरी करनेवाले भी शामिल हैं। प्रशासन इसकी रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी कर रहा है।
सपा शासन में शुरू हुई समाजवादी पेंशन के लिए पात्रों के चयन की जिम्मा नगरपालिका, नगर पंचायतों और ब्लाकों को दिया गया था। सभी ने लक्ष्य के मुताबिक 63 हजार 826 लाभार्थियों का चयन किया।
सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने इस योजना के लाभार्थियों के सत्यापन का आदेश दिया। जनपद स्तरीय अधिकारियों ने एकएक लाभार्थी की जांच की। एक महीने तक हुई सघन जांच के बाद जो तस्वीर सामने आई है। वह काफी चौंकाने वाली है।
कुल लाभार्थियों के 20 प्रतिशत यानी 13 हजार 887 पेंशनधारक अपात्र जबकि 49 हजार 939 पात्र पाए गए हैं। इनका चयन मानकों को दर किनार कर किया गया था। ये एक साल पेंशन पा चुके हैं। हर लाभार्थी के खाते में छह हजार रुपये भेजे गए थे।
अब देखना है साकार इस रकम की वसूली का कोई फरमान जारी करती है अथवा पेंशन बंद कर इन्हें यो ही छोड़ दिया जाता है।