यह पूरा मामला 15 अप्रैल को 16 वर्षीय किशोरी निशा विश्वकर्मा के शव मिलने से जुड़ा है। उसका शव जमानिया पुल के पास नदी में मिला था। पुलिस जांच में यह मामला हत्या का निकला, जिसके बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घटना के बाद से ही गांव में तनाव का माहौल बना हुआ था।
इसी बीच, सपा प्रतिनिधिमंडल के गांव पहुंचने से स्थिति और बिगड़ गई। ग्रामीणों का कहना था कि बाहरी लोगों के हस्तक्षेप से माहौल खराब हो सकता है, इसलिए उन्होंने नेताओं को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया। वहीं, सपा कार्यकर्ता पीड़ित परिवार से मिलने और न्याय दिलाने की मांग पर अड़े रहे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया और हालात को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए। डॉ. राकेश कुमार मिश्रा (अपर पुलिस अधीक्षक सिटी) ने बताया कि गांव में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।