नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की खास बात यह है कि अगले एक सप्ताह तक महापौर स्वयं सुबह 7:30 बजे से 9 बजे तक सड़कों पर उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। वे प्रतिदिन अलग-अलग वार्डों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान संबंधित पार्षदों और विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है, ताकि जमीनी स्तर पर समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके।
प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए महापौर ने जोनल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े सभी लंबित आवेदनों का सात दिनों के भीतर शत-प्रतिशत निस्तारण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी हालत में कोई आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए। इसके अलावा शहर के सभी वॉटर एटीएम को सुचारू रूप से संचालित करने और स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत तत्काल कराने के निर्देश भी दिए गए।
शहर की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण को लेकर भी विशेष जोर दिया गया है। प्रमुख मार्गों, डिवाइडरों और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई के साथ वाटर स्प्रिंकलर से धुलाई कराई जाएगी। उद्यान विभाग को मूर्तियों की सफाई, माल्यार्पण और प्रमुख चौराहों पर आकर्षक गमले लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जलकल विभाग को सख्त हिदायत दी गई है कि कहीं भी सीवर ओवरफ्लो की स्थिति न बने और पेयजल व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रहे।
बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अमित कुमार, विनोद कुमार गुप्ता, मुख्य अभियंता आरके सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसके चौधरी और जलकल विभाग के महाप्रबंधक अनूप सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रधानमंत्री के आगमन से पहले वाराणसी को पूरी तरह स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया जा सके।