फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों की बढ़ी बेचैनी

Sun, 08 Jan 2017 10:48 AM IST
टीम डिजिटल, वाराणसी
विज्ञापन
अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव, चाचा शिवपाल के  बीच सुलह न होने से से स्थानीय प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। उन्हें डर सता रहा है कि अगर उन्हें चुनाव चिह्न साइकल न मिला और पिता-पुत्र एक दूसरे के खिलाफ आरोप प्रत्यारोप करते रहे तो उनके हाथ में जीत फिसल सकती है। दूसरी पार्टियों को इसका लाभ मिलेगा। 
विज्ञापन


मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाले जाने के बाद प्रदेश भर से युवा सपाई अखिलेश के समर्थन में लखनऊ पहुंचे थे।

निष्कासन वापस होने के  बाद अखिलेश ने समर्थकों को अपने-अपने जिलों में लौटने को कहा था। जिन प्रत्याशियों को अखिलेश ने टिकट दिया था उन्हें चुनाव की तैयारियों में जुटने को कहा था।

वाराणसी में अखिलेश ने शिवपाल की सूची से इतर शिवपुर से आनंद मोहन यादव गुड्डु को उम्मीदवार बनाया था। क्षेत्र में जुलूस निकालने के बाद प्रत्याशी अब सुलह के  इंतजार में बैठे हैं।
विज्ञापन


चुनाव चिह्न बदलने के डर से वह बैनर पोस्टर भी नहीं छपवा रहे। शिवपाल गुट के उम्मीदवार भी वेट एंड वाच की स्थिति में हैं। शिवपाल ने सभी आठ सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। शिवपुर से अवधेश पाठक उनके उम्मीदवार हैं। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें