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समग्र शिक्षा अभियान: मिट्टी के खिलौने और मूर्तियां बनाना सीखेंगे छात्र, स्कूलों में आयोजन; बैगलेस डे मनाएंगे

Sat, 29 Aug 2026 09:23 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

समग्र शिक्षा के तहत परिषदीय, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में हर शनिवार बैगलेस डे मनाया जा रहा है। अगस्त से नवंबर तक 11 शनिवार को बच्चों को मिट्टी के खिलौने-मूर्तियां बनाना, कुम्हार की कार्यशाला और कला-शिल्प जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी। प्रत्येक विद्यालय को सामग्री खरीदने के लिए 6500 रुपये का बजट मिलेगा।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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समग्र शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में इस शैक्षिक सत्र हर शनिवार को बैगलेस डे मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक और कौशल आधारित गतिविधियों से जोड़ना है। अगस्त से नवंबर तक कुल 11 शनिवार को विद्यालयों में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

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निदेशालय की ओर से जारी शैक्षणिक कैलेंडर में बैगलेस डे के लिए विभिन्न गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। इसके तहत बच्चे मिट्टी से खिलौने और मूर्तियां बनाना सीखेंगे। उन्हें कुम्हार की कार्यशाला में ले जाकर मिट्टी से वस्तुएं तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा विद्यालयों में कला-शिल्प प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अपनी रचनात्मकता और हुनर विकसित करने का अवसर मिलेगा।

बैगलेस डे के दौरान बच्चों को पढ़ाई के पारंपरिक तरीके से अलग गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। इसका मकसद उन्हें हाथों से काम करने, नई चीजें बनाने और स्थानीय कला व शिल्प को समझने का अनुभव देना है। विद्यालयों में बच्चों से अलग-अलग टास्क कराए जाएंगे, ताकि उनमें व्यावहारिक ज्ञान के साथ आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच भी विकसित हो।

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हर विद्यालय को मिलेगा 6500 रुपये का बजट
बैगलेस डे के तहत होने वाली गतिविधियों पर खर्च के लिए प्रत्येक विद्यालय को शासन की ओर से 6500 रुपये का बजट उपलब्ध कराया जाएगा। इस धनराशि से मिट्टी, रंग, ब्रश, चार्ट, स्टेशनरी और हस्तशिल्प से जुड़ी सामग्री खरीदी जा सकेगी। इसके अलावा पौधे, बीज और जैविक खाद से संबंधित सामग्री भी खरीदी जाएगी। इससे बच्चों को पर्यावरण और प्रकृति से जुड़ी गतिविधियों में भी शामिल किया जाएगा।

बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि महानिदेशक की ओर से नो बैगलेस डे पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में बच्चों से नए-नए टास्क कराए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ नया हुनर सीखने का अवसर मिलेगा और उनकी प्रतिभा को भी निखारा जा सकेगा।
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