गोबरहा गांव में ओवरहेड टैंक का निरिक्षण करने पहुंचे डीएम।
जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने रविवार को गोबरहा गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान गांव में अब तक हुए विकास कार्यों की समीक्षा की। मातहतों को चेताया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जब डीएम ने लेखपाल चंचल परमार से गांव का नक्शा मांगा तो लेखपाल नक्शा नहीं उपलब्ध करा पाए। न ही गांव में उपलब्ध चारागाह के बारे में संतोषजनक जवाब दे पाए। डीएम ने लेखपाल का वेतन रोकने का आदेश तहसीलदार को दिया।
डीएम ने निर्माणाधीन पेयजल टंकी का निरीक्षण किया। जल निगम के अधिशासी अभियंता कन्हैया राम को निर्देश दिया कि हर हाल में 31 अगस्त तक पेयजल मुहैया करा दें। वित्तीय वर्ष 2014-15 में स्वीकृत पेयजल योजना अभी तक लंबित होने का भी कारण पूछा। अधिशासी अभियंता ने बताया कि जमीन ही देर से मिली है। ठेकेदार को पाइप लाइन और स्टैंड पोस्ट के गुणवत्ता बरतने की हिदायत दी। डीएम ने गांव में चकबंदी नहीं होने के कारणों की स्पष्ट आख्या भी चकबन्दी कार्यालय से मंगवाने का भी निर्देश तहसीलदार को दिया।
गांव में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी विनोद चौधरी से ग्राम पंचायत की कार्य योजना के बारे में ब्यौरा मांगा गया तो वे भी डीएम को नहीं दिखा पाए। डीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारी के वेतन रोकने के साथ ही दो माह तक निगरानी में कार्य कराने का निर्देश दिया।
हर शनिवार को गांव में बैठने के साथ बीडीओ स्वयं टीए के साथ आकर कार्य योजना बनवा कर काम करवाने को कहा। सहायक निबंधक सहकारिता को गोबरहा में समिति पर ही उर्वरक वितरित कराने, बिजली विभाग को कनेक्शन हेतु गांव में ही शिविर लगवाने की बात कही। ग्राम प्रधान से भी कार्य योजना की जानकारी रखने को कहा।