मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वरुणा कॉरिडोर’ की राह में बाधक बने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई जल्द शुरू हो सकती है। रविवार को प्रशासन और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने वरुणा किनारे शास्त्री घाट से कैंटोनमेंट क्षेत्र तक निरीक्षण किया। इस दौरान डूब क्षेत्र में निर्माण कराने वालों को दो टूक चेतावनी दी गई कि अवैध निर्माणों को हर हाल में ढहाया जाएगा। प्रशासन का कड़ा रुख देखकर होटल संचालक खुद अवैध निर्माण हटाने को राजी हो गए हैं।
वीडीए, सिंचाई और राजस्व विभाग की ओर से वरुणा किनारे सर्वे के बाद डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण कराने पर 762 लोगोें को नोटिस दिया गया है। रविवार को डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट एसएन शुक्ला सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ पहले वरुणापुल शास्त्री घाट पहुंचे। वहां से प्रशासनिक टीम कैंटोनमेंट क्षेत्र तक गई। कॉरिडोर के निर्माण में आ रही दिक्कतों का जायजा लिया।
डूब क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर प्रशासनिक टीम ने चेतावनी दी कि लोग अपना अवैध निर्माण खुद हटा लें अन्यथा जेसीबी लगाकर अवैध निर्माण ढहाए जाएंगे। इसमें किसी प्रकार की मोहलत नहीं दी जाएगी। प्रशासनिक टीम ने दो टूक कहा कि सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट वरुणा कॉरिडोर में बाधक बन रहे अवैध निर्माण चाहे वो होटल हों या भवन, सभी को तोड़ा जाएगा। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि होटल सूर्या और रिवर पैलेस के मालिकों ने खुद अवैध निर्माण हटाने की बात कही है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो जल्द ही अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।