नगर निगम की सफाई व्यवस्था की जमीनी हकीकत जांचने के लिए शुक्रवार को चार वार्डों में संयुक्त नगर आयुक्त जितेंद्र कुमार आनंद ने निरीक्षण किया। मुख्य मार्गों पर सफाई संतोषजनक मिली, लेकिन गलियों में गंदगी, नालियों में सिल्ट, जलभराव और खाली प्लॉटों में कचरे के ढेर जैसी खामियां सामने आईं। चारों वार्डों में 16 सफाईकर्मी बिना सूचना ड्यूटी से नदारद मिले। इस पर उनका वेतन काटने और लापरवाही बरतने वाले सुपरवाइजरों को चेतावनी देने के निर्देश दिए गए।
बारिश के कारण गलियों में जमी काई और झाड़ियों को तत्काल साफ कराया गया। दिन में जलती स्ट्रीट लाइटें मौके पर ठीक कराई गईं। धंसे चौकों और दबे सीवर ढक्कनों की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए। मध्यमेश्वर में नाली की खामियां मिलीं। मेडविन अस्पताल के सामने नाली में सिल्ट मिली, जबकि मैदागिन चौराहे के पास नाली ध्वस्त मिली। कबीरचौरा अस्पताल और जलकल कार्यालय के पास जलनिकासी के लिए नई गली पिट बनाने के निर्देश दिए गए। लियों की सफाई और डोर-टू-डोर कूड़ा उठान संतोषजनक नहीं मिला। लापरवाही पर सुपरवाइजर राजेश कुमार और कवि कुमार को चेतावनी दी गई। सीवर और वाटर लाइन के कार्य के कारण गलियों में आवागमन की समस्या का भी संज्ञान लिया गया। खाली प्लॉटों में फैले कचरे को तत्काल साफ कराने के निर्देश दिए गए। लो-लैंड एरिया में जमा पानी निकालने के लिए सामान्य विभाग की ओर से पंप लगाए गए हैं। वहां एंटी लार्वा और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव के भी निर्देश दिए गए।
मृतका रामरति