तहसील दिवस पर मंगलवार को आला अफसरों की शिथिलता व्यापक तौर पर देखी गई। चुनाव भर लगे आचार संहिता के चलते लगभग महीने भर तहसील दिवस स्थगित था।
मंगलवार को जबकि इतने दिन बाद फरियादियों को आस थी कि अफसर उनकी शिकायत सुनेंगे और उसका समाधान करेंगे, ऐसे में जिला के चार आला अफसरों की अनुपस्थिति से फरियादियों में निराशा देखी गई।
बाद में जिलाधिकारी राजमणि यादव ने अनुपस्थित क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी, अधिशासी अभियंता नलकूप, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग और सहायक अभियंता लघु सिंचाई के एक दिन के वेतन भुगतान पर मुख्य कोषाधिकारी द्वारा रोक लगाने का निर्देश दिया।
साथ ही, चारों से स्पष्टीकरण तलब किया है। डीएम ने कहा कि जन समस्याओं के निस्तारण में अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह से संवेदनशीलता बरतें।
इस दौरान तीनों तहसीलों पर 163 शिकायतें आईं जिनमें से मौके पर 22 का निराकरण हुआ। बाद में जौनपुर से लौटते समय कमिश्नर ने पिंडरा तहसील में फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
जिलाधिकारी मंगलवार को राजातालाब तहसील मुख्यालय पर आयोजित तहसील दिवस के मौके पर फरियाद सुन रहे थे।
उन्होंने तहसील दिवस पर प्राप्त जन शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने का अधिकारियों को निर्देश दिया। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायती प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में खानापूर्ति कतई न बरती जाए।
कहा कि मामला संज्ञान में आने पर दोषी अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि पंचायत चुनाव के समाप्त होते ही आचार संहिता अब समाप्त हो चुकी है इसलिए अपने-अपने विभागीय कार्यक्रमों का क्रियान्वयन पूरी तेजी के साथ सुनिश्चित कराया जाए।
इस दौरान तहसील राजातालाब पर 74, सदर पर 59 तथा पिंडरा पर 30 सहित कुल 163 शिकायतें आईं। इनमें से तहसील राजातालाब पर 10, सदर पर नौ और पिंडरा पर तीन सहित 22 शिकायती प्रार्थना पत्रों का मौके पर निस्तारण किया गया।
तहसील दिवस के मौके पर एसएसपी आकाश कुलहरि, अपर जिलाधिकारी प्रशासन सीताराम गुप्त सहित तीनों तहसील मुख्यालय पर उप जिलाधिकारी, तहसीलदार के अलावा पुलिस, विद्युत, जलनिगम, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, पंचायत आदि अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।