प्रकरण के अनुसार, वादी मुकदमा सकलडीहा से निर्दल विधायक सुशील सिंह ने पुलिस अधीक्षक, चंदौली को प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप था कि वह 24 अक्तूबर 2015 की रात 9 बजे कॉवर गांव में समर्थक सुनील सिंह के प्रतिष्ठान पर गए थे। वहां कुछ देर बाद प्रभु नारायण यादव पूर्व विधायक धानापुर व उनके सगे भाई अनिल यादव समर्थकों के साथ महड़ौरा-भूपौली- चहनियां रोड पर अपनी गाड़ियों को बेतरतीब तरीके से खड़ा कर दिया।
समर्थकों के साथ विवाद करने लगा। सकलडीहा विधायक ने तत्काल पुलिस उपाधीक्षक सकलडीहा को फोन पर सूचना दी, जिस पर उन्होंने अपने लोगों को तत्काल वहां भेजने के बारे में बताया। इस दौरान पूर्व विधायक व उनके समर्थक सकलडीहा विधायक व उनके समर्थकों से मारपीट पर आमादा हो गए और गालीगलौज की। सपा विधायक और समर्थकों ने तीन घंटे तक रास्ता बाधित किया। आरोप था कि सभी हत्या की नीयत से आए थे। इस मामले में बलुआ थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।