Varanasi News : पार्लियामेंट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मनुस्मृति और संविधान की प्रतियां दिखाने के बाद भाजपा पर हमला बोला था। इसके साथ ही महाभारत, द्रोणाचार्य का भी जिक्र किया। इसको लेकर काशी का संत समाज काफी नाराज है। संतों ने राहुल से माफी मांगने काे कहा है।
सदन में मनुस्मृति और संविधान की प्रतियां दिखाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पूछे गए सवाल पर काशी का संत समाज बिफर गया। अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद्र ने कहा कि राहुल को देश से माफी मांगनी चाहिए।
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कहा कि पार्लियामेंट में राहुल गांधी ने एक किन्नर की तरह कृत्य किया। जैसे किन्नर स्वयं को स्त्री दिखाने के चक्कर में भोंडा श्रृंगार करता है उसी तरह राहुल भी कर रहे हैं। उन्होंने राहुल से पूछा कि आपको महाभारत की कितनी जानकारी है। द्रोणाचार्य ने एकलव्य का अंगूठा काटा था? राहुल गांधी बार-बार मनुस्मृति का उल्लेख करते हैं। उन्हें मालूम होना चाहिए कि यह देश संविधान से चलता है। जिसे डाॅ. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में बनाई गई थी और बाबा साहब डाॅ. भीमराव अंबेडकर ने इसका प्रायोजन किया था।
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स्वामी जीतेंद्रानंद्र ने कहा कि राहुल गांधी बार-बार सनातन धर्म के मानबिंदुओं पर सवाल उठाते हैं। सवाल किया कि क्रिप्टो क्रिश्चियन साबित क्या करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इसके लिए क्षमा मांगनी चाहिए। राहुल विदेशी मिशनरियों के इशारे पर सनातनियों को बदनाम करने की साजिश रचते हैं, जिसे टूलकिट भी कहा जाता है। यह लोग एक समय भगवा आतंकवाद की परिभाषा गढ़ते हुए भी पाए गए थे।
ये है पूरा मामला
लोकसभा में संविधान दिवस पर सदन में संविधान और मनुस्मृति की प्रतियां दिखाई थीं। उन्होंने बीजेपी से सीधे पूछा कि आपके नेता ने संविधान की जगह मनुस्मृति से देश चलाने की वकालत की थी। क्या आप अपने नेता की बात से सहमत हैं? राहुल ने इसके अलावा द्रोणाचार्य और एकलव्य की भी कहानी सुनाई और केंद्र सरकार पर हमला बोला। राहुल ने उत्तर प्रदेश के हाथरस की अपनी यात्रा के बहाने योगी सरकार पर भी हमला बोला था।