इस बार प्रयागराज में व्यवस्था संभालने के लिए काशी से अखाड़ों के संतों की टोली कुंभ में पहुंची है। पंचदशनाम जूना अखाड़ा की ओर से व्यवस्था संभालने के लिए साधू संत कुंभ रवाना हो गए हैं।
पंचदशनाम जूना अखाड़ा की स्थापना सन 1154 के लगभग हुई थी। इसे भैरव अखाड़ा भी कहा जाता है।
इस अखाड़े के इष्टदेव रुद्रावतार दत्तात्रेय हैं। इस अखाड़े का केन्द्र वाराणसी के हनुमान घाट पर माना गया है। इसके वर्तमान पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरी हैं। हनुमान घाट स्थित पंचदशनाम जूना अखाड़ा के संत डॉ. शिवानन्द पुरी ने बताया कि इस कुंभ में अखाड़ा परिषद की ओर से पर्याप्त सुविधाएं और संत महात्माओं के साथ वहां आने वाले श्रद्धालुओं के रुकने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने बताया कि इस बार प्रशासन के सहयोग से अखाड़ा परिषद को पर्याप्त जगह और पर्याप्त टेंट मिल गए हैं। वहीं सर्दी का मौसम देखते हुए सभी व्यवस्थाएं भी उपलब्ध हो गई हैं।