योगी आदित्यनाथ के साथ संतोष दास सतुआ बाबा
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योगी आदित्यनाथ को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाए जाने पर काशी के संत समाज में हर्ष है। काशी के संत समाज को अब योगी से नई उम्मीद जग गई है।
संतों को अब मूर्ति विसर्जन विवाद सुलझने के साथ ही गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर हुए लाठीचार्ज और आगजनी में संतों-भक्तों पर लादे गए मुकदमों के वापस होने की आस पैदा हो गई है।
सोमवार को काशी से संतों का एक प्रतिनिधि मंडल इस मसले पर सीएम योगी से मिलने लखनऊ जाएगा।
महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा ने कहा कि यूपी की बागडोर जिनके हाथों में सौंपी गई है, उनसे संतों-सनातनधर्मियों से उम्मीद है कि वह धर्म ध्वजा को ऊंचाई तक ले जाएंगे। काशी के संत समाज को अपमानित किए जाने का कलंक मिटेगा।
विद्यामठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गणेश प्रतिमा विसर्जन विवाद में संतों-बटुकों पर लाठीचार्ज को सिर्फ महंत आदित्यनाथ ने गलत ठहराया था। अब वह उसी चौराहे पर आकर गणेश भगवान की आरती उतारें। इसका प्रस्ताव लेकर संतों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को लखनऊ में उनसे मिलेगा।
पातालपुरी पीठाधीश्वर के बाबा बालक दास महाराज ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को सीएम बनाए जाने से संत समाज का कलेजा चौड़ा हो गया है। अब सनातन धर्म की रक्षा हो सकेगी। जब धर्म की रक्षा होगी तो समाज में खुशहाली और शांति आएगी।
अन्नपूर्णा मठ मंदिर के रामेश्वरपुरी महाराज ने कहा कि अब सनातनी संस्कृति और परंपरा को समझने वाले संत के हाथ में प्रदेश की चाभी सौंपी गई है। इससे सर्व समाज का भला होगा। काशी की धर्मभीरु जनता और संत समाज दोनों का मनोबल बढ़ा है।