आषाढ़ मास की योगिनी एकादशी को प्रकट हुए ब्रह्मलीन योगिराज देवरहा बाबा की पुण्यतिथि पर शनिवार को अस्सी स्थित देवरहा बाबा आश्रम (द्वारकाधीश मंदिर) में 10 राज्यों से आए साधु-संतों और अनुयायियों ने गुरु की पूजा की। उनकी चरण पादुका, करधनी की विधिवत पूजा हुई। साथ ही नौ दिवसीय श्रीरामचरितमानस पाठ की पूर्णाहुति हुई।
द्वारकाधीश मंदिर धर्मार्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष ब्रह्मवेता हंस बाबा के आचार्यत्व में सुबह अधिकारी रामदास महाराज और कोठारी राम अभिलाष दास महाराज ने बाबा की आदमकद प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराकर नवीन वस्त्र धारण करवाकर मौसमी फूलों, फलों से शृंगार कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा की। बाबा की विधिवत आरती उतारी। बाबा की चरण पादुका, करधनी और लंगोट की भी विधिवत पूजा हुई। उन्होंने कहा कि देवरहा बाबा दीन-दुखियों के कष्टों को दूर करते थे। वे उन्हें भागवत चरणों की प्राप्ति कराते थे। ऐसे संत बहुत ही दुर्लभ होते हैं जो लोगों के दुखों को दूर करें। साधु-संतों के व्रत होने के चलते फलाहारी भंडारा हुआ। सैकड़ों साधु-संतों ने प्रसाद ग्रहण किया। उन्हें दान-दक्षिणा दिया गया। रविवार को भी पूजन अर्चन और भंडारा होगा। पूजन में स्वामी राम अखंड दास, श्रवण दास, राम बालक दास, राम तपस्या दास, घनश्याम दास, केशव दास, मारकंडेय सिंह मुन्ना आदि मौजूद रहे।