डोप टेस्ट में फंसे विश्व स्कूल गेम के चैम्पियन युवा जेवलिन थ्रोवर रोहित यादव को साई के हॉस्टल से निलम्बित कर दिया गया। रोहित का आरोप है कि हैदराबाद जाने के एक हफ्ते बाद उसे सुविधाओं का लालच देकर हास्टल में शामिल कराया गया । जहाँ उसे साजिश के तहत खाना खिलाया गया।
उन्होंने कहा कि हास्टल में पहले तैयारी कर रहे दूसरे खिलाड़ियों को आगे करने के लिए उसके साथ सोची समझी रणनीति के तहत साजिश की गई है। रोहित का कहना है कि सरकार भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) पर भारी भरकम बजट खर्च करती है। बावजूद इसके अपने दम पर गांव के लड़के जब हास्टल के लड़कों को पीछे छोड़ देते हैं तो उनके कोच पर सवाल उठने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि साई के हास्टल में तैनात कोच आदि की निष्ठा और उनकी कार्यक्षमता पर कोई अंगुली न उठा सके इसके लिए गांव से निकलने वाली प्रतिभाओं के साथ साजिश की जाती है। डोप टेस्ट मे फंसे रोहित यादव को अभी तक नाडा की तरफ से कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है।
वह अखबारों मे छपी खबरों से जान पाया की उसे डोप टेस्ट मे फेल बताया गया है। इसके बाद साई का उसे पत्र मिला है जिसमें उसे हास्टल से निकालने का उल्लेख किया गया है। उसके जुलाई में विश्व यूथ गेम प्रतियोगिता मे भाग लेने की संभावना भी धूमिल हो गई है।
वह तैयारी भी छोड़ चुका है। रोहित के पिता सभाजीत का कहना है कि हैदराबाद जाने से पहले हास्टल के लोगो ने भारी सुविधाओं का लालच देकर हास्टल मे शामिल कराया। वह एक हफ्ते तक हास्टल में रहा इसके बाद हैदराबाद खेलने चला गया। जहां उसे डोप टेस्ट मे गलत पा़या गया। हास्टल के लोगों ने उसके साथ साजिश करके खाने में दवा मिलाई होगी।