विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत पाए जाने पर अदालत में विवेचक ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने के पश्चात दोषसिद्ध पाकर सेफ्टी इंजीनियर आनंद प्रसाद को उपरोक्त सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल कुंवर वीर प्रताप सिंह ने बहस किया।