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Bhadohi Smart Meter: एक पंखा, दो एलईडी लाइट जलाने पर पुराने मीटर से आता था 318 रुपये, स्मार्ट मीटर से आया 1098

Sat, 18 Apr 2026 03:51 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, भदोही।

सार

Bhadohi Smart Meter: स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। गड़बड़ियों के चलते सुधार कराने के लिए लोग विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं। अब तक दो डिविजन में करीब 92 हजार घरों में मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन तकनीकी खामियों और बिलिंग दिक्कतों से उपभोक्ताओं की टेंशन बढ़ती जा रही है।
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सचिन कुमार, रामनरेश, त्रिलोकीनाथ और पूजा देवी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कालीन नगरी में बिजली बिल में पारदर्शिता लाने के लिए बिजली निगम ने प्रीपेड मीटर लगाना शुरू किया। अब तक 92 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लग गया। निगम का दावा है कि व्यवस्था बेहतर होगी, हालांकि धरातल पर स्थिति ठीक नहीं है। जमुनीपुर अठगवां की पूजा देवी ने बताया कि पुराना बिल छह हजार बकाया था।

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स्मार्ट मीटर लगने पर कुल 21 हजार का बिल आ गया। पुराना बिल जमा किया तो 13 हजार माइनस में दिखाकर कनेक्शन काट दिया गया। खमरिया के रामनरेश मौर्य और सचिन कुमार का भी बिल पहले से तीन से चार गुना अधिक हो गया है। इससे वह काफी परेशान है।

अब तक 92 हजार मीटर बदले जा चुके हैं
ज्ञानपुर और भदोही वितरण खंड में दो लाख 51 हजार उपभोक्ता हैं। 33 उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति होती है। 20 हजार ट्रांसफाॅर्मर लगाए गए हैं। अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि बिजली चोरी, लाइन लॉस और बिलिंग सिस्टम में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। अब तक जिले में 92 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।

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उर्जावान या यूपीपीसीएल स्मार्ट एप की ये हैं विशेषताएं
  • प्रतिदिन कितनी यूनिट बिजली खर्च हुई इसकी जानकारी मिलेगी।
  • आवंटित लोड से अधिक लोड खर्च करने पर अलर्ट मेसेज मिलेगा।
  • उपभोक्ता अपनी शिकायत एप के माध्यम से कर सकेंगे।
  • बीते 15 दिन में कितनी बिजली खर्च हुई उसका ब्योरा देख सकेंगे।
  • कब-कब कितना बिल जमा किए हैं उसकी भी जानकारी मिलेगी।
  • प्रतिदिन की रीडिंग भी इसमें फीड रहती है।

स्मार्ट मीटर से आ रही शिकायतें
  • रीडिंग में गलती : कई जगहों पर मीटर तेज चल रहा है या बिल में अचानक ज्यादा रकम आने की शिकायतें आ रही हैं।
  • बिल न आना : मीटर लगने के बाद कई महीनों तक बिल नहीं आया, जिससे उपभोक्ता भुगतान से अनभिज्ञ रह जा रहे हैं।
  • रीडिंग न हो पाना : कुछ क्षेत्रों में मीटर की रीडिंग ही नहीं ली जा रही, जिससे बिलिंग पूरी तरह ठप हो गई।

एक नजर इस पर भी
  • जिले में भदोही और ज्ञानपुर दो डिविजन।
  • कुल दो लाख 51 हजार उपभोक्ता।
  • कुल 33 उपकेंद्रो से बिजली की आपूर्ति

केस एक- जमुनीपुर अठगवां की पूजा देवी ने बताया कि पुराने मीटर में 8100 रूपये बकाया था। दो हजार जमा किया। 6100 रूपये बकाया किया। स्मार्ट मीटर लगते हुए बिल 21 हजार आ गया। उसके बाद कनेक्शन कट गया। अब विभागीय कार्यालय का चक्कर लगा रही हूं।

केस दो- खमरिया नगर के अकबरपुर निवासी सचिन कुमार ने बताया कि बिजली निगम ने पुराना मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाया है। घर में सिर्फ दो एलईडी बल्ब जलता है। पुराने मीटर से 318 रुपये बिल आता था। इस महीने 1098 रुपये का बिल आया है। जेई से शिकायत की गई है। अभी तक बिल सुधार नहीं हो सका है।

केस तीन- खमरिया के मधईपुर मोहल्ला निवासी रामनरेश मौर्य ने बताया कि एक सीएफएल और एक पंखा घर में लगा है। पुराने मीटर से 318 से 400 बिल आता था। स्मार्ट मीटर लगने पर बिल 2200 से ढाई हजार आने लगा है। सुधार के लिए शिकायत की गई, लेकिन अब तक सहीं नहीं हो सका।

केस चार- गंगारामपुर के त्रिलोकीनाथ बिंद ने बताया कि पहले एक किलोवाट के कनेक्शन पर 200 से 250 रुपये बिल आता था। नया स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल एक हजार रुपये तक आ रहा है। घर में सिर्फ पंखा और लाइट का उपयोग होता है। बिल रीडिंग से नहीं बन रहा है।
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जीएमआर कंपनी के प्रीपेड स्मार्ट मीटर में कोई समस्या नहीं आ रही है। पुरानी मीटर की रीडिंग जुड़कर आने से से उपभोक्ता परेशान है। अब उपभोक्ताओं के यहां चेकर भी लग रहा है। इसके लिए उपभोक्ता मीटर का पांच मिनट का वीडियो बनाकर अपने उपकेंद्र के जेई और एसडीओ से मिल कर बिल संशोधन करा लें। - राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता विद्युत
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