जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने शनिवार को कोरोना संक्रमण को देखते हुए दवा वितरण, सैनिटाइजेशन, ऑक्सीजन व्यवस्था इत्यादि के संबंध में लगाई गई टीम-9 के साथ बैठक की। इस दौरान जिले के सभी विभागों को निर्देशित करने के साथ ही कार्य में लापरवाही बरतने पर नाराजगी जताई।
इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर सफाई व्यवस्था पर असंतोष जाहिर किया। समीक्षा के दौरान सीएमओ को निर्देशित किया कि अभियान चलाकर तत्काल सफाई व्यवस्था एवं बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण सुनिश्चित कराएं। साथ ही गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद के संबंध में जानकारी व 2017 से 2020 तक का विवरण लेते हुए 2021 में अब तक खरीद की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। एडीएम आपूर्ति द्वारा 31 खरीद केंद्रों के सापेक्ष केवल 12 केंद्रों पर ही व्यवस्था किये जाने की जानकारी पर नाराजगी जताई। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अरुण कुमार त्रिपाठी के बैठक में अनुपस्थित होने पर एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
एंबुलेंस और मैनपावर की सूची करें तैयार
जिलाधिकारी ने मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि गोशालाओं की रिपोर्ट तैयार कर तत्काल प्रस्तुत करें। जिसमें गोशाला की बाउंड्री वॉल, शेड, भूसा आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करें। प्रवासी कामगारों के आने पर उनका एंटीजन टेस्ट किये जाने के बारे में एडीएम प्रोटोकाल से जानकारी ली। जिलाधिकारी द्वारा एंबुलेंस सेवा का संपूर्ण डाटा तैयार कराने के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व को निर्देशित किया। जिसमें अस्पताल में कितनी एंबुलेंस है और उसके ड्राइवर का नाम पता व मोबाइल नंबर की सूची तैयार करायें इसके अलावा अस्पतालों में मैनपावर की सूची भी तैयार कराने का निर्देश दिया।
शिकायतों की कैटेगरी तैयार करें
उन्होंने कोविड कन्ट्रोल रूम में प्राप्त हो रही शिकायतों का विवरण कैटेगरी वाइज तैयार कराये जाने का निर्देश के साथ एसडीएम, विडीओ तथा एमवाईसी की ब्लाक वार टीम बनाकर एक-एक ब्लाक की पीएचसी, सीएचसी के संचालन की रूपरेखा दो दिन में तैयार कराने का निर्देश दिया। अगले सप्ताह सभी सब सेंटर भी ठीक कराये जाने का निर्देश दिया। बैठक में उन्होंने कहा कि सभी सीएचसी प्रभारी 24 घंटे वहीं पर रहे।
गावों में कराएं माइक्रो प्लान
डब्ल्यूएचओ एवं यूनिसेफ द्वारा एक माइक्रो प्लान तैयार कराये जाने के लिये कहा जिसके माध्यम से ये जानकारी हो सके कि गांव में किसी के बीमार होने पर इलाज के लिए तत्काल किसे काल की जा सके, जो ग्रामीण मॉडल पर आधारित हो इसके साथ ही गांव की मैपिंग भी कराए जाने के निर्देश दिए। बैठक में नगर आयुक्त, ज्वाईंट मजिस्ट्रेट, सीएमओ, सम्बन्धित एडीएम सहित सभी सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।