आज सात नदियों के जल से होगा जलाभिषेक
सर्व वैश्य समाज समिति के 10 हजार श्रद्धालु सावन के अंतिम बुधवार को श्री काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगे। समाज के लोग सात नदियों का जल विश्व कल्याण की कामना से बाबा को अर्पित करेंगे। मारवाड़ी भवन लक्सा से जलाभिषेक यात्रा की शुरूआत होगी और श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचेगी। मंगलवार को यह जानकारी मारवाड़ी समाज भवन में समिति के अध्यक्ष आरके चौधरी और मंत्री रविंद्र जायसवाल ने दी।
आरके चौधरी ने बताया कि इसमें समाज के दस हजार से लोग दोपहर तीन बजे गंगा, यमुना, सरस्वती, सरयू, ऋषिकेश, प्रयागराज संगम सहित अनेक सात नदियों के जल के साथ गाय के दूध, पंचामृत, गन्ने के रस के कलश के साथ शामिल होंगे।
महामंत्री दीपक कुमार बजाज ने बताया कि मंदिर के शंकराचार्य चौक में बने पंडाल में सुप्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल, सौरभ शर्मा और रेशमी शर्मा के भजनों की प्रस्तुति होगी। उमाशंकर अग्रवाल, भरत गोविंद केजरीवाल, डॉ. सुमंत गुप्ता, सुरेश तुलस्यान, गौरी धानुका उपस्थित रहे।
बाबा का अभिषेक कर पूरी हुई पदयात्रा
ब्रह्मराष्ट्र एकम की ओर से आयोजित तीन दिवसीय पदयात्रा का समापन बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक से हुआ। प्रयागराज स्थित लेटे हुए हनुमानजी के प्रांगण से लोक कल्याण की कामना से सच्चिदानंद महाराज के सानिध्य में यात्रा तीन अगस्त को आरंभ हुई थी। मंगलवार को शृंगेरी मठ में सतीश चंद्र मिश्रा, सुब्बा राव शास्त्री ने यात्रा का स्वागत किया। इसके बाद यात्रा बाबा विश्वनाथ मंदिर के लिए रवाना हुई। बाबा विश्वनाथ के दर्शन एवं अभिषेक कर यात्रा का समापन किया गया। इस दौरान देवेंद्र नाथ मिश्र, प्रिया मिश्र, वैभव, कुशाग्र मिश्र शामिल रहे।
त्रिवेणी के जल से चार स्वयंसेवकों ने किया काशी विश्वनाथ का अभिषेक
सावन के अंतिम मंगलवार को श्री काशी विश्वनाथ का त्रिवेणी के जल से अभिषेक हुआ। प्रयागराज से त्रिवेणी का जल लेकर बाबा के धाम पहुंचे चार स्वयंसेवकों ने श्री काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर न्यास की ओर से प्लास्टिक मुक्त धाम बनाने की श्रद्धालुओं से अपील की गई।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से महाकुंभ में कुंभेश्वर महादेव की स्थापना संगम तट पर की गई और सेवा कार्य भी किया गया। उस समय से श्री काशी विश्वेश्वर से जुड़े प्रयाग के स्वयंसेवक मनोज उपाध्याय, रमेश चंद्र ओझा, कुलदीप नारायण और राम मनोहर ने महत्वपूर्ण योगदान किया था। मंगलवार को ये चार श्रद्धालु संगम त्रिवेणी का जल प्रयागराज से लेकर श्री काशी विश्वनाथ धाम आए और बाबा का जलाभिषेक किया। न्यास ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि प्लास्टिक मुक्त धाम बनाने में अपना सहयोग दें।
एसओपी रही सफल
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने तीनों सुरक्षा एजेंसी पुलिस, सीआरपीएफ, पीएसी सहित राहत एवं बचाव एजेंसी एनडीआरएफ, अग्नि सुरक्षा, एसडीआरएफ और अन्य विभागों से समन्वय कर एसओपी तैयार की गई। एसओपी महाकुंभ के पलट प्रवाह के समान ही इस श्रावण मास में भी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के सुनियोजित प्रबंधन में सफल सिद्ध रही।\
सारंगनाथ मंदिर में 501शिवलिंग का रुद्राभिषेक
श्री सामूहिक रुद्राभिषेक पीठ काशी की ओर से 501 पार्थिव शिवलिंग का रुद्राभिषेक होगा। इसमें 501 परिवार हिस्सा लेंगे। यह सामूहिक रुद्राभिषेक हिंसा रहित समाज और हिंदू राष्ट्र के संकल्प को साकार करने का प्रयास है।
पिछले एक माह से घर-घर में शिवलिंग निर्माण और भजन की तैयारियां चल रही हैं। यह जानकारी श्री सामूहिक रुद्राभिषेक पीठ काशी की ओर से विनोद कुमार भारत ने पत्रकरारों को दी। उन्होंने कहा कि इस महाउत्सव के लिए 501 पार्थिव शिवलिंग बनाए जा चुके हैं।
इसमें हर परिवार स्वयं अपना शिवलिंग बनाकर उसका रुद्राभिषेक करेगा। यह आयोजन सामाजिक समरसता और कुटुंब प्रबोधन का अद्भुत उदाहरण है। पीठ प्रमुख राहुल सिन्हा ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सारंगनाथ ऋषि सारंग का मंदिर भगवान शिव के साले का प्रतीक है। मान्यता है कि श्रावण मास में भगवान शिव अपने साले के साथ पूरे महीने यहां निवास करते हैं।
कार्यक्रम संयोजक निर्मल उपाध्याय ने बताया कि महोत्सव में 10 से 15 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया है। इस आयोजन में असम के राज्यपाल, राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल, मेयर अशोक कुमार तिवारी मौजूद रहेंगे। इस दौरान राकेश सिंह अलगू, सोमनाथ विश्वकर्मा, रुपेश, टप्पू पांडेय, सुमित जायसवाल उपस्थित रहे।