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बनारस में तीस्ता सीतलवाड़ को लेकर मचा हंगामा, जानिए क्या है पूरा माजरा

Wed, 28 Feb 2018 10:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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तीस्ता सीतलवाड़ - फोटो : twitter
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बनारस पहुंची मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को लेकर मंगलवार को जबरदस्त हंगामा हुआ। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हुए इस हंगामे की चर्चा हर तरफ हो रही है। काशी विद्यापीठ में एक कार्यक्रम की अनुमति को लेकर यह हंगामा हुआ।
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मंगलवार को काशी विद्यापीठ में एक कार्यक्रम में शिरकत करने आई मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को बल प्रयोग कर कैंपस से बाहर निकाल दिया गया। इसके विरोध में नारेबाजी कर रहे लोगों की पुलिस ने पिटाई भी की।

काशी विद्यापीठ में प्रतिबंध के बावजूद नारेबाजी और अशांति फैलाने के मामले में छह लोगों को नोटिस देने की तैयारी हो रही है। इस घटना को लेकर पूरे दिन विद्यापीठ परिसर का माहौल गर्म रहा।
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जहां विद्यापीठ प्रशासन का दावा है कि बिना अनुमति के प्रवेश पर यह कार्रवाई की गई तो वहीं तीस्ता सीतलवाड़ ने अनुमति के बावजूद प्रवेश से रोकने और जोर जबरदस्ती करने का आरोप लगाया है। उन्होंने छात्रों की पिटाई व पुलिस की मौजूदगी में एबीवीपी के विरोध की भी आलोचना की।

काशी विद्यापीठ छात्रसंघ की ओर से समिति कक्ष में ‘सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता की भूमिका’ विषयक कार्यशाला आयोजित की गई थी। इसके लिए तीन दिन पहले अनुमति मांगी गई।

जबकि विद्यापीठ प्रशासन का कहना है कि अनुमति पत्र में तीस्ता सीतलवाड़ सहित शामिल होने वाले प्रमुख लोगों के नाम का जिक्र नही किया गया था। जब सोमवार की शाम सोशल मीडिया पर सीतलवाड़ के आने की सूचनाएं चलने लगी तो प्रशासन ने छात्रसंघ पदाधिकारियों से रात में इसपर वार्ता की। उनकी सहमति से आवंटन निरस्त कर दिया गया।  
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विद्यापीठ को बीएचयू नही बनने देंगे

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ - फोटो : facebook
विद्यापीठ प्रशासन का दावा है कि सुबह भी छात्रसंघ पदाधिकारियों से वार्ता हुई और कार्यक्रम न करने की बात हुई। रोक के बावजूद वार्ता के कुछ देर बाद ही तीस्ता सीतलवाड़ और छात्रसंघ के कुछ पदाधिकारी कई लोगों के साथ मलदहिया गेट से अंदर घुस गए।

लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास के समीप उन्हें पुलिस और विद्यापीठ के सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। परिसर में चल रही परीक्षाओं का हवाला देते हुए अंदर बिना अनुमति प्रवेश और नारेबाजी आदि करने से मना किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और तीस्ता सीतलवाड़ में बहस भी हुई।

जबकि छात्रसंघ पदाधिकारी चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर संघ भवन में रखी उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कराने की बात कह रहे थे। कुछ देर तक नोंक झोंक चली। मामला बढ़ता देख महिला पुलिस ने तीस्ता सीतलवाड़ को बल प्रयोग कर परिसर से बाहर निकाल दिया।इस दौरान नारेबाजी कर रहे लोगों को पुलिस ने पीटा भी। अखिल भारतीय विद्याथी परिषद ने भी तीस्ता सीतलवाड़ का जमकर विरोध किया।

फोन पर हुई वार्ता में तीस्ता सीतलवाड़ ने बताया कि अनुमति के बावजूद भी उन्हें वर्कशॉप नही करने दिया गया। परिसर चारों तरफ बीजेपी के झंडे लहरा रहे हैं और सामाजिक और छात्रों के कार्यक्रम को करने से मना किया जा रहा है। कैंपस में पुलिस मनमानी कर रही है।

कुलानुशासक शंभु उपाध्याय ने बताया कि विश्वविद्यालय में परीक्षाएं चल रही हैं। कार्यशाला के लिए जो अनुमति ली गई उसमें शामिल होने वाले लोगों के नाम सहित कई जानकारी अस्पष्ट थी इसलिए आवंटन निरस्त किया गया। बाद में बिना अनुमति के प्रवेश की वजह से उन्हें बाहर निकाला गया। छात्रसंघ उपाध्यक्ष रोशन कुमार, और महामंत्री अनिल कुमार सहित छह लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया जाएगा।

तीस्ता सीतलवाड़ को बाहर करने को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जहां विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों का तर्क है कि वह काशी विद्यापीठ को बीएचयू नही बनने देंगे तो वहीं परीक्षा के दौरान प्रतिबंध के बावजूद हुई इस घटना को माहौल बिगाड़ने की साजिश करार दे रहे हैं।
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