फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाहनों की प्रदूषण जांच में धांधली, बंद गाडि़यों को भी जारी हो रहा प्रमाणपत्र

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। यातायात नियमों में बदलाव से पहले वाहनों के कागजात दुरुस्त कराने की भीड़ में प्रदूषण जांच केंद्रों पर धांधली की जा रही है। जांच केंद्र में अब तक कोई भी वाहन प्रदूषण के लिए अनफिट नहीं पाया गया है। यही नहीं कई प्रदूषण जांच केंद्र तो गाड़ी स्टार्ट किए बिना ही प्रदूषण जांच का प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं।
विज्ञापन

नियमानुसार, परिवहन विभाग को प्रदूषण जांच केंद्रों का निरीक्षण अभियान चलाना चाहिए, मगर अफसरों की लापरवाही से जांच केंद्रों पर मनमानी जारी है। वरुणा पुल स्थित पेट्रोल पंप के पास के प्रदूषण जांच केंद्र की रिपोर्ट में सिगरा का उल्लेख है। लोगों की यह भी शिकायत है कि जांच केंद्रों पर वाहन जांच के लिए निर्धारित से ज्यादा शुल्क वसूला जाता है। उधर, एआरटीओ प्रशासन सर्वेश कुमार सिंह का कहना है कि प्रदूषण जांच केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया जाएगा।
इन खामियों पर नजर नहीं
जांच केंद्रों पर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र जारी होने वाले वाहनों का पूरा रिकॉर्ड नहीं होता। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को भी पास का प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है। वाहनों की जांच के बाद परिवहन विभाग में रिकार्ड नहीं भेजा जाता है। जांच केंद्र के ऑपरेटर के पास स्मोग और गैस एनालाइजर का सर्टिफिकेट नहीं है। एक सर्टिफिकेट या डिप्लोमा पर दो प्रदूषण जांच केंद्रों पर ऑपरेटर हैं।
विज्ञापन

तीन नए प्रदूषण जांच केंद्र खुले
परिवहन विभाग ने शहर में प्रदूषण जांच केंद्रों पर हो रही भीड़ व वाहन स्वामी की परेशानी को देखते हुए तीन नए प्रदूषण जांच केंद्र खोलने की अनुमति दी है। इनमें आटो केयर सोसायटी राजघाट, आरकेबीके जगतगंज, एटीए मकबूल आलम रोड शामिल हैं। 18 जांच केंद्र पहले से संचालित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें