फर्जी दस्तावेज पर पुलिस में भर्ती की शिकायत करने पर मऊ जिले में बुधवार की सुबह आठ बजे बदमाशों ने आरटीआई कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में तीन नामजद और छह अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया गया।
सराय लखंसी थाने के बढुआ गोदाम गांव निवासी आरटीआई कार्यकर्ता बाल गोविंद सिंह (45) गांव बचाओ मोर्चा के महासचिव थे। उन्होंने प्रधान पति शैलेंद्र के भाई संजय यादव पर फर्जी दस्तावेज से पुलिस में भर्ती होने का आरोप लगाया था और आरटीआई के जरिए दस्तावेज निकलवाकर एसपी को सौंपा था। इसको लेकर उन्हें शनिवार को धमकी भी मिली थी।
बुधवार सुबह आठ बजे बाल गोविंद गांव की चट्टी पर चाय पीने आए थे। तभी दो बाइक पर सवार छह बदमाशों ने उनको घेरकर फायरिंग कर दी। एक गोली हाथ में लगी तो बाल गोविंद भागे, लेकिन गांव के करीब पहुंचकर गिर पड़े।
इसी दौरान पीछा करते पहुंचे दो बदमाशों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी और असलहा लहराते गाजीपुर की तरफ भाग गए। सूचना पर एसपी सुरेंद्र बहादुर पहुंचे। पत्नी शीला सिंह की तहरीर पर प्रधान पति शैलेंद्र यादव, गुड्डू यादव और लालू यादव के अलावा छह अज्ञात पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एसपी सुरेंद्र बहादुर ने बताया कि बाल गोविंद की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई है। कार्रवाई कर आरोपियों की धर पकड़ के लिए तीन टीमें लगाई गई है। अपराधियों की शिनाख्त करने के बाद पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगी।
बाजार के कैमरे हो सकते हैं मुफीद
जिस स्थान पर आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या की गई और हत्यारोपी खड़े थे, वहां पर यूनियन बैंक आफ इंडिया की शाखा है, इसमें कैमरा लगा है। इसके अलावा बाजार निवासी यमुना गुप्ता के घर पर सीसी टीवी कैमरा लगा है। तीसरा कैमरा मृत आरटीआई कार्यकर्ता बाल गोविंद के घर पर लगा है।
यदि पुलिस तीनों कैमरों की रिकार्डिंग को खंघाले तो उसे सफलता मिल सकती है। बाल गोविंद के घर पर मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि सीसी टीवी की रिकार्डिंग को देखने से पता चल रहा है कि बीते दो दिनों से बाल गोविंद के घर पर नजर रखी जा रही थी। क्योंकि एक संदिग्ध चेहरा बार बार वहां आते जाते दिख रहा है। लेकिन वह हेलमेट लगाया है। इसके चलते चेहरा नहीं दिखा।
उधर, बढ़ुआ गोदाम बाजार में पुलिस बूथ बनाया गया है, जो घटनास्थल से सौ मीटर दूर सड़क के दूसरे छोर पर मौजूद है। सुबह हो या फिर शाम हमेशा यहां भीड़ लगी रहती है। जिस समय हत्या की घटना हुई, उस समय सिपाहियों की ड्युटी तो लगी थी, लेकिन वो बूथ में मौजूद नहीं थे।