तेलियाबाग स्थित पटेल धर्मशाला में आयोजित दो दिवसीय ‘अमन सम्मेलन’ के पहले दिन शनिवार को प्रशांत भूषण ने कहा कि फिजा में जहर घोलने का काम, नफरत फैलाना, लव जेहाद, घर वापसी आदि में भाजपा का हाथ है। न्यायपालिका पर दबाव बनाकर हिंदुत्व के नाम पर आतंक फैलाने वालों को छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी में चुनाव होने वाले हैं इसलिए आरएसएस यहां दंगा भड़काने की कोशिश में जुट गया है।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रशांत भूषण ने कहा कि केंद्र सरकार शिक्षा का भी भगवाकरण करने में जुटी है। एनसीईआरटी की पुस्तकों में भी आरएसएस का दखल हो रहा है। कई न्यूज चैनल भी खुलकर उनकी बात कह रहे हैं। ऐसे लोगों का बहिष्कार कर इनके खिलाफ न्यायालय जाना होगा।
स्वराज अभियान के राष्ट्रीय नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि भारत में जितना बड़ा सांस्कृतिक हमला अब हो रहा है वह 70 साल के इतिहास में कभी नहीं हुआ। यूपी के विधान सभा चुनाव में दंगे की परछाईं दिख रही है। एखलाक कैसे मरा इसकी जांच के बजाय उसके फ्रिज में गोवंश का मांस था या भैंस का, इस पर चर्चा हो रही है। हिंदुस्तान के सेक्यूलरिज्म जड़ खोदी जा रही हैं।
स्वराज अभियान के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. आनंद कुमार ने सांप्रदायिकता को देश का सबसे बड़ा खतरा बताया। तीस्ता सीतलवाड़ ने कहा कि गोधरा कांड जैसी घटनाएं देश कि अखंडता के लिये बड़ा खतरा हैं। इतिहासकार राम पुनयानी, शबनम हाशमी ने भी अपनी बातें कहीं। स्वराज अभियान के सह संयोजक आदिल मोहम्मद ने कार्यक्रम की शुरुआत की।
स्वराज अभियान के राष्ट्रीय नेता योगेंद्र यादव ने बताया कि उनके घर का नाम सलीम है। इसके पीछे उन्होंने एक घटना बताई। कहा कि एक दंगे में उनके दादा जी की हत्या कर दी गई। तब उनके पिता ने धार्मिक समरसता का परिचय देते हुए सभी बच्चों के मुस्लिम नाम रखे। उन्होंने कहा कि माता-पिता और पत्नी उन्हें सलीम ही पुकारती हैं।