कार्यक्रम में माैजूद मोहन भागवत।
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द्वारकाधीश मंदिर से अपराह्न चार बजे घोड़ा, गाड़ी और बग्घियों से 125 दूल्हों ने एक साथ प्रस्थान किया। परिवार के साथ समाज के लोग भी बैंड बाजा, आतिशबाजी के बीच नाचते हुए आगे बढ़ रहे थे। किरहिया चौराहा, चुंगी, गांधी चौक होते हुए दाह चौक के रास्ते बरात शंकुलधारा पहुंची।
महोत्सव के मुख्य यजमान वीरेंद्र जायसवाल के आवास (पूजावा बाजार) के बाहर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने वर यात्रा का स्वागत किया। व्यापारियों ने फूल-माला से बरातियों का जगह-जगह स्वागत किया। जगह-जगह जलपान की भी व्यवस्था की गई थी।
शाम करीब 5:30 बजे बरात विवाह स्थल पर पहुंची तो, महिलाओं ने परछन किया। शाम 6:15 बजे आचार्यों ने विवाह पूजन शुरू कराया। कार्यक्रम में नव विवाहित युगलों को भेंट स्वरूप साइकिल, सिलाई मशीन, वस्त्र, आभूषण, नकदी और मिष्ठान भेंट किया गया।