सरसंघ चालक डॉ. मोहन भागवत गुरुवार को पटना से काशी पहुंचे। श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन से सवा तीन बजे प्लेटफार्म नंबर पांच पर आए। यहां से स्वयंसेवकों के अलावा पुलिस प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा में उन्हें बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल पहुंचाया।
जहां पांच दिवसीय काशी प्रवास पर पहुंचे संघ प्रमुख ने कुछ देर विश्राम के बाद देर शाम कोर कमेटी के पदाधिकारियों संग बैठक की। इस दौरान चर्चा के लिए एजेंडा तैयार किया गया। संघ प्रमुख शुक्रवार की सुबह नौ बजे संकुल में सत्र का उद्घाटन करेंगे।
सामाजिक समरसता, ग्राम विकास, गौ रक्षा, कुटुंब प्रबोधन, विचार परिवार, संगठन के कार्य पर वृहद मंथन होगा। इसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। 20 फरवरी तक संघ प्रमुख के प्रवास के दौरान संकुल में प्रतिदिन सुबह शाखा लगेगी। इसके बाद सुबह नौ बजे से सत्र चलेगा।
प्रतिदिन एक से डेढ़ घंटे के चार से पांच सत्र चलेंगे। जिसमें अलग-अलग पदाधिकारियों से चर्चा कर फीडबैक लेकर मार्गदर्शन किया जाएगा। संघ प्रमुख 17 फरवरी को अस्सी घाट पर होने वाले शास्त्रार्थ में भी जा सकते हैं। 18 को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित संघ समागम में हिस्सा लेंगे।
19 फरवरी को प्रांतों के वरिष्ठ पदाधिकारियों संग बैठक करेंगे। भाजपा संग समन्वय बैठक 20 को होगी। इसके बाद वे संघ मुख्यालय नागपुर रवाना हो जाएंगे। संगठन को मजबूती देने के लिए संघ प्रमुख की पाठशाला में हिस्सा लेने के लिए देर रात तक सभी पदाधिकारी पहुंच चुके हैं।
इनमें आठ केंद्रीय पदाधिकारी, क्षेत्र के 33 कार्यकर्ता, चारों प्रांतों काशी, गोरक्ष, अवध, कानपुर के 49 राजकीय जिलों, संघ रचना के 88 जिलों के 1270 जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी आ चुके हैं।