भ्रष्टाचार के आरोप में जिला जेल में बंद चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव की बेनामी संपत्तियों में कौन-कौन हिस्सेदार हैं, इसकी तस्दीक के लिए प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम गुरुवार को लगातार दूसरे दिन शहर में डेरा डाले रही।
पता लगाया जा रहा है कि आखिर किस-किसके नाम पर आरएस यादव ने संपत्तियां खरीदी हैं और वो लोग कौन हैं। सूत्रों की मानें तो आरएस के करीबी कुछ और सफेदपोश चिह्नित कर लिए गए हैं। साथ ही, ईडी ने विजिलेंस से भी जानकारी मांगी है कि अब तक आरएस और उसके करीबियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
ईडी की कार्रवाई से आरएस के परिवारीजनों में हड़कंप की स्थिति है जबकि करीबियों में कई भूमिगत हो गए हैं। आरएस के करीबियों से पूछताछ के लिए डेढ़ सौ से ज्यादा सवालों की प्रश्नावली ईडी ने तैयार की है।
प्रवर्तन निदेशालय की पांच टीमोें ने बुधवार को एआरटीओ आरएस यादव और उसके सीए के कार्यालय सहित चार ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान 23 लाख रुपये और करोड़ों की संपत्ति से जुड़े कागजात ईडी की टीमों ने जब्त किए थे।
ईडी की चार टीमें गुरुवार को वापस लौट गईं जबकि एक टीम अब भी शहर में ठहरी हुई है। सूत्रों का कहना है कि जिन सफेदपोशों को ईडी ने आरएस के करीबी के तौर पर चिह्नित किया है, उनसे आरएस के कारोबारी संबंध थे।
कई जगह दोनों पक्षों की आपसी सहमति से संपत्तियों में निवेश किया गया था। पुख्ता साक्ष्य जुटाने के साथ ही तैयार की गई प्रश्नावली के आधार पर ईडी जल्द ही आरएस के परिवारीजनों और उसके करीबियों से पूछताछ कर सकती है।