भ्रष्टाचार के मामले निलंबित चंदौली एआरटीओ आरएस यादव को बुधवार को कड़ी सुरक्षा में मिज़ार्पुर जेल से लाकर अदालत में पेश किया गया। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) एन के झा की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी निलंबित एआरटीओ आरएस यादव की न्यायिक रिमांड पांच सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया।
मुकदमे में सुनवाई होने के बाद पुलिस कड़ी सुरक्षा में आरएस यादव को लेकर वापस मिज़ार्पुर जेल लौट गई। इस दौरान आरएस यादव के करीबी भी अदालत पहुंचे थे।
इधर, यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप की जांच कर रही विजिलेंस की जांच रिपोर्ट ने शासन ने मंजूरी देते हुए जल्द आरोप पत्र दायर करने का निर्देश दिया है। एसपी विजिलेंस ने आरोप पत्र करीब महीने पूर्व ही शासन को भेज दिया है।
शासन स्तर पर इसका मंथन चल रहा था। सूत्रों की मानें तो आरएस यादव की ओर से दो अफसर शासन में पैरवी कर रहे थे। सरकार की सख्ती किसी की नहीं और शासन ने आरोप पत्र दायर करने का निर्देश दिया है।
वाराणसी की एंटी करप्शन कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में आरएस के भ्रष्टाचार का पूरा विवरण है। ओवरलोट ट्रकों से रोजाना आरएस यादव की लाखों की वसूली होती थी।
चंदौली से वाराणसी की ओर आने वाले रोजाना करीब एक हजार से ज्यादा ट्रकों से वसूली होती थी। एक ट्रक से पांच से सात हजार रुपये वसूले जाते थे। बता दें कि आरएस यादव फिलहाल मिर्जापुर जेल में बंद है। आरएस यादव के आय से अधिक संपत्ति की जांच प्रवर्तन निदेशालय और विजिलेंस कर रही है।