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Ropeway Varanasi: रथयात्रा से गिरजाघर तक रोप डालने का काम शुरू, सावन में ट्रायल के साथ होगी सुरक्षा जांच

Mon, 06 Jul 2026 11:17 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में रोपवे का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। रथयात्रा से गिरजाघर तक रोप डालने का काम शुरू हो गया है। रोपवे की सुरक्षा के लिए एक कंसल्टेंट इंजीनियर और एक रोपवे इंस्पेक्टर तैनात किए जाएंगे। 
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वाराणसी में रोपवे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रोपवे निर्माण के दूसरे चरण के तहत रथयात्रा से गिरजाघर तक रोप डालने का काम शुरू कर दिया गया है। सावन में इसका ट्रायल होगा और सुरक्षा जांच की जाएगी। इसके बाद रोपवे के संचालन की उम्मीद है। कैंट से गोदौलिया के बीच 3.8 किमी की दूरी 17 मिनट में पूरी होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि 2026 के अंत से पहले रोपवे का संचालन शुरू हो जाएगा।

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अधिकारियों ने बताया कि दूसरे चरण के तहत सभी 148 गंडोला को लोड रोप पर स्थापित किया जाएगा। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद रोपवे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। कार्यदायी एजेंसी के साथ 15 वर्ष के संचालन का अनुबंध किया गया है। रोपवे की सुरक्षा के लिए एक कंसल्टेंट इंजीनियर और एक रोपवे इंस्पेक्टर तैनात किए जाएंगे। इसमें यूरोपीय मानकों (यूरोपियन स्टैंडर्ड) के अनुरूप सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। रोपवे की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाए जा रहे हैं।

बिजली गुल होने पर जनरेटर की व्यवस्था रहेगी। यदि किसी कारणवश जनरेटर भी काम नहीं करता है, तो आंतरिक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। इसके बाद भी बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में गंडोला स्वतः निकटतम स्टेशन तक पहुंच जाएगा। भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्वतमाला परियोजना के तहत एशिया का पहला अर्बन रोपवे प्रोजेक्ट शहरी परिवहन के रूप में काशी में शुरू किया है। 
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कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक गंडोला संचालित होगा। इनके बीच काशी विद्यापीठ और रथयात्रा इंटरमीडिएट स्टेशन होंगे, जबकि गिरजाघर एक टेक्निकल स्टेशन है। इस प्रकार कुल पांच स्टेशन और 29 टावर बनाए गए हैं। परियोजना की लागत 815.58 करोड़ रुपये है।

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