यह एशिया का पहला अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे प्रोजेक्ट है, जिसे काशी में शुरू किया गया है। कुल 3.8 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक यात्रा होगी। बीच में काशी विद्यापीठ और रथयात्रा इंटरमीडिएट स्टेशन होंगे, जबकि गिरजाघर एक तकनीकी स्टेशन होगा। इस प्रकार कुल 5 स्टेशन और 29 टावर बनाए जाएंगे।
परियोजना की कुल लागत 815.58 करोड़ रुपये है, जिसमें 15 वर्षों का ऑपरेशन और मेंटेनेंस भी शामिल है।इंजीनियरों के अनुसार, लोड टेस्टिंग के ज़रिये सुरक्षा की गहन जांच की जाती है। इस प्रक्रिया में यदि निर्माण कार्य में कोई कमी पाई जाती है, तो उसे तत्काल ठीक किया जाता है। यह टेस्टिंग एक बार नहीं बल्कि कम से कम चार बार दोहराई जाती है, ताकि परियोजना को जनता के लिए पूरी तरह सुरक्षित रूप में शुरू किया जा सके। इससे भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कतें नहीं आतीं।