लोकसभा चुनाव से पहले ही रोपवे का संचालन करना है, इसीलिए पाइलिंग का काम तेजी से कराया जा रहा है। इसे पूरा करके भार का परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण सफल रहा तो पाइल कैपिंग करके स्टेशन का निर्माण शुरू कराया जाएगा। अगर कोई दिक्कत आई तो पाइलिंग का काम दोबारा होगा।
देश के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे की शुरूआत मार्च 2024 तक होगी। इसके लिए पिलर खड़े किए जा रहे हैं। अक्तूबर से स्टेशन बनाने का काम तेज होगा। पहला स्टेशन काशी विद्यापीठ में बनेगा। दूसरा कैंट और तीसरा रथयात्रा पर बनाया जाना है। स्टेशन आधुनिक सुविधा-संसाधनों से लैस होंगे। यात्रियों को सभी सुविधाएं मिलेंगी। दूसरे चरण में गिरिजाघर और गोदौलिया के बीच रोपवे का निर्माण कराया जाएगा। रोपवे की क्षमता प्रति दिन प्रति दिशा में 48 हजार यात्रियों की होगी।
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लोकसभा चुनाव से पहले ही रोपवे का संचालन करना है, इसीलिए पाइलिंग का काम तेजी से कराया जा रहा है। इसे पूरा करके भार का परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण सफल रहा तो पाइल कैपिंग करके स्टेशन का निर्माण शुरू कराया जाएगा। अगर कोई दिक्कत आई तो पाइलिंग का काम दोबारा होगा।
पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
रोपवे के काम दो चरणों में पूरा होना है। पहले चरण में कैंट से रथयात्रा तक रोपवे चलाया जाएगा। इसके लिए कैंट, काशी विद्यापीठ और रथयात्रा पर पाइलिंग का काम कराया जा रहा है। यह काम इसी महीने पूरा होगा। मार्च 2024 तक रोपवे का संचालन होगा। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं। परियोजना के मुताबिक, रोपवे के लिए पांच स्टेशन बनाए जाएंगे। पहले चरण का काम पूरा होने के बाद दूसरे चरण में गिरजाघर और गोदौलिया स्टेशन का निर्माण शुरू होगा। दूसरे चरण का काम मार्च 2025 तक पूरा होगा।
स्टेशन पर मिलेंगी से सुविधाएं
रोपवे स्टेशनों पर कार्यालय के लिए स्थान, होटल, फूड कोर्ट और दुकानें होंगी। स्थानीय कलाकृतियों और प्रसिद्ध वस्तुओं की बिक्री की जाएगी। यात्रियों को बनारसी व्यंजनों का भी स्वाद मिलेगा। एस्केलेटर, लिफ्ट, व्हीलचेयर रैंप, प्रतीक्षालय और पार्किंग की सुविधा भी रहेगी।
दर्शन-पूजन होगा आसान
रोपवे निर्माण के बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम का दर्शन-पूजन आसान हो जाएगा। कैंट स्टेशन से मंदिर तक पहुंचा जा सकेगा। इस रूट की लंबाई 3.85 किमी है, जो रोपवे से 15 मिनट में ही पूरा होगा। सड़क मार्ग से 40 से 50 मिनट लग जाते हैं। ध्वनि और वायु प्रदूषण से बचा जा सकेगा।
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
प्रत्यक्ष व अप्रत्क्ष रूप पे रोजगार की संभावना बढ़ेगी। रिटेल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। स्टेशनों पर आउटलेट खुलेंगे। हेल्प डेस्क और कार्यालयों के काम होंगे।
पाइलिंग का काम तेजी से कराया जा रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो स्टेशनों का निर्माण अक्तूबर से शुरू करा दिया जाएगा।- पूजा मिश्रा, परियोजना निदेशक, एनएचएलएमएल