इस बीच बनने वाले चार स्टेशन को जगह के साथ ही किसी संस्था व व्यक्ति के नाम को शामिल किया जा सकेगा। इसके लिए शुल्क निर्धारित होगा। डीपीआर में जन सहभागिता से जुड़े अन्य सुझाव भी शामिल किए जाएंगे। कैंट से गोदौलिया के बीच बनने वाली रोपवे परियोजना को नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से सर्वे के साथ ही फंडिंग की व्यवस्था की जा रही है।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि रोपवे परियोजना की निविदा प्रक्रिया चल रही है और कई कंपनियों ने इसमें रुचि भी दिखाई है। इसमें स्टेशन में जगह के साथ संस्था व व्यक्ति का नाम नियम शर्तो के साथ जोड़ने का प्रावधान किया जाएगा। इसके साथ ही रोपवे परियोजना को लेकर मंथन किया जा रहा है।
कार्यदायी संस्था तय होने के बाद कैंट से गोदौलिया के बीच जमीन के अंदर की जन सुविधाओं को जरूरत के हिसाब से शिफ्ट कराया जाएगा। इसके लिए विभागों से रिपोर्ट भी मांगी गई है और इस रूट पर सर्वे कराया जाएगा। जिन जगहों पर रोपवे के टॉवर बनाए जाएंगे वहां यह काम कराया जाएगा।