अंडरपास की उपलब्धता की रिपोर्ट आने के बाद रेलवे से अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा जाएगा। इससे यात्रियों का आवागमन सुविधाजनक हो जाएगा। जिस तेजी से सर्वे कराया जा रहा है, उससे लग रहा कि मार्च के दूसरे सप्ताह से रोपवे का निर्माण शुरू हो जाएगा। रोपवे का पहला स्टेशन को कैंट परिसर में बनेगा। लिहाजा, सारी सुविधाएं मुहैया कराने की कवायद की जा रही है।
कैंट से गोदौलिया के बीच संचालित होने वाली रोपवे परियोजना को सर्वसुलभ बनाया जा रहा है। इसी रूट से यात्रियों के गंगा घाट, काशी विश्वनाथ मंदिर, संकटमोचन हनुमान मंदिर, कालभैरव मंदिर को भी जोड़ा जा रहा है, जहां कि सबसे ज्यादा लोगों का आवागमन होता है।
वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन
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रोपवे के पहले स्टेशन के लिए कैंट रेलवे स्टेशन परिसर स्थित यात्री आश्रय को शिफ्ट किया जाएगा। सड़क उस पार की जमीन और वाहन स्टैंड को भी खाली कराया जाएगा। क्योंकि, इसी के ऊपरी हिस्से से रोपवे का रास्ता होगा।
कैंट स्टेशन रोप-वे का पहला स्टेशन होगा। इसलिए पानी की टंकी, वाहन स्टैंड, कुछ स्थानों पर सीवरेज, सिग्नल लाइन, भूमिगत केबल शिफ्ट किए जाएंगे। रोपवे बनाने वाली कंपनी पहले इन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेगी,फिर आगे का काम होगा। - गौरव दीक्षित, स्टेशन निदेशक, कैंट
रोडवेज और रेलवे स्टेशन को आपस में जोड़ने के लिए कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए तकनीकी टीमें सर्वे कर रही हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद कॉरिडोर बनाने पर फैसला होगा।- कौशल राज शर्मा, मंडलायुक्त