सूचना पर बेचू भी घर पहुंचा और करीब साढ़े दस बजे पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो अंदर कुणाल बुरी तरह से झूले में फंसा दिखा। लोग उसे जिला अस्पताल ले गए जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना कोतवाली सदर के बिचला घाट चौकी प्रभारी रोहन राकेश सिंह ने बताया कि बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पिता को सौंप दिया गया। घर में बने रस्सी के झूला में बच्चे की गर्दन फंस जाने से उसकी मौत हो गई थी।
झूला पर बैठकर उसे गोल-गोल घुमाता था...
बेचू ने बताया कि बच्चों ने काफी दिन से घर की छत में लटकी कुंडी के सहारे झूला बनाया था। उसी पर दोनों भाई कुणाल व रजत अक्सर झूलते रहते थे। बच्चों का मन बहला रहे, इसलिए उसने भी कभी नहीं टोका, लेकिन उसे क्या पता था कि यही झूला एक दिन उसके बेटे के लिए मौत का फंदा बन जाएगा। बेचू ने बताया कि कुणाल अक्सर झूला पर बैठकर उसे गोल-गोल घुमाता था और जब रस्सी पूरी तरह से तन जाती थी तो पैर उठा लेता था, जिससे झूला गोल-गोल घूमने लगता था। शनिवार को भी उसने यही किया होगा और रस्सी में अधिक तनाव आ जाने के कारण उसकी गर्दन उसी में फंसी रह गई, जिससे उसकी मौत हो गई। उसने बताया कि झूला झूलते समय अक्सर दरवाजे से टकराता था, इसलिए वह दरवाजा बंद कर लेेता था।