उन्होंने बताया कि 1999 के पहले ग्राम पंचायत स्तर की सभी फाइलें ग्राम प्रधान के पास रहा करती थीं, लेकिन नया सर्कुलर आने के बाद कार्य योजना संबंधित सारी फाइलें अब ग्राम सचिव के पास होना अनिवार्य कर दिया गया है। ग्राम प्रधानों के पास केवल मोहर और ठप्पा के अलावा एक भी फाइल नहीं होनी चाहिए। किंतु रोजगार सेवक को ये फाइलें देकर ग्राम सचिव ने गलत किया है।
खंड विकास अधिकारी श्यामजी ने बताया कि यदि ऐसा हुआ है तो उक्त फाइलों से संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को नोटिस जारी कर आख्या प्रस्तुत करने के लिए एडीओ पंचायत को निर्देशित किया जाएगा। डीपीआरओ बालेश्वधर द्विवेदी ने इस संबंध में जानकारी और आग के हवाले करने वाला वीडियो लेने के बाद अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया।