कैंट स्टेशन, काशी विद्यापीठ स्टेशन और रथयात्रा स्टेशन के आसपास नया सर्कुलेशन एरिया विकसित किया जाएगा। यहां ड्रॉप-ऑफ और पिक-अप जोन अलग होंगे। पार्किंग के लिए अलग स्थान तय किया जाएगा, ताकि मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम रहे। अतिरिक्त लेन तैयार की जाएगी, जिससे ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों का प्रवाह बना रहे।
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एयरपोर्ट जैसी होगी बहुस्तरीय सुरक्षा
रोपवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह एयरपोर्ट मॉडल पर आधारित होगी। प्रवेश से पहले बैगेज एक्स-रे स्कैनर से सामान की जांच होगी। डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) से प्रत्येक यात्री की स्क्रीनिंग की जाएगी। हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर से द्वितीयक जांच की जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के लिए सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम, कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग, अलग एंट्री और एग्जिट गेट, आपातकालीन निकास मार्ग और फायर सेफ्टी सिस्टम भी होंगे।
क्विक रिएक्शन टीम की तैनाती की जाएगी और सुरक्षा की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) को सौंपी जाएगी। एसएसएफ ने सुरक्षा प्रोटोकॉल, एंट्री-एग्जिट प्वाइंट, कंट्रोल रूम समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को लेकर विस्तृत खाका तैयार किया है। इसके तहत उन्होंने सीआईएसएफ की टीमों से भी बातचीत की है कि वे इन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कैसे संचालित करते हैं।