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जौनपुरः सड़क हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौत, परीक्षा देने जा रहे थे दो छात्र

Tue, 23 Oct 2018 10:07 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जौनपुर
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टक्कर के बाद बाइक - फोटो : amar ujala
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जौनपुर-शाहगंज मार्ग पर शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के मजडीहा गांव के पास सोमवार को सुबह करीब सात बजे किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने तीनों के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। दो ट्रकों को कब्जे में लेकर पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।
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मृत युवक जलालपुर थाना क्षेत्र के नेवादा और इजरी गांव के थे। इनमें दो युवक बीएससी के छात्र थे। प्रायोगिक परीक्षा में शामिल होने के लिए कादीपुर जा रहे थे। बाइक उनका साथी चला रहा था। किसी ने हेलमेट नहीं लगाया था।  

जलालपुर थाना क्षेत्र के नेवादा गांव निवासी मुन्नालाल मौर्य का बेटा दीपक मौर्य (19)  और इजरी गांव निवासी रायसाहब सिंह का पुत्र  जुगल सिंह (22) श्री विश्वनाथ पीजी कालेज कलान सुल्तानपुर के बीएससी अंतिम वर्ष के छात्र थे। उनका परीक्षा केंद्र संत पीजी कालेज कादीपुर में था जहां प्रायोगिक परीक्षा में शामिल होने के लिए दोनों अपने साथी शुभम उपाध्याय (21) पुत्र सुनील कुमार उपाध्याय निवासी इजरी के साथ सुबह बाइक से निकले थे।
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सुबह करीब सात बजे तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर जौनपुर-शाहगंज मार्ग पर मजडीहा गांव के समीप पहुंचे थे तभी किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। उधर खेतासराय में भरत मिलाप सम्पन्न कराकर लौट रहे उप जिलाधिकारी राजेश कुमार वर्मा व क्षेत्राधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव ने तीनों को अपने वाहन से राजकीय चिकित्सालय शाहगंज पहुंचाया।

जहां डाक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना पर सक्रिय हुई कोतवाली पुलिस ने दो संदिग्ध ट्रकों को कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने आधार कार्ड व शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर मृतकों की पहचान कर उनके परिवार के लोगों को सूचना दी। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे ।

घटना की खबर लगते ही उनके रिश्तेदार भी पहुंच गए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया। उधर पोस्टमार्टम के बाद तीनों का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। सीओ शाहगंज अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दो संदिग्ध ट्रकों को कब्जे में लेकर पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।

हादसे में बुझ गया घर का इकलौता चिराग

दो युवकों की मौत से पूरे गांव में मातम - फोटो : अमर उजाला
शाहगंज के पास सड़क हादसे में नेवादा गांव निवासी दीपक की मौत की खबर  पूरे गांव में फैल गई थी लेकिन दीपक की मां को सिर्फ यह बताया गया था कि वह हादसे में घायल हो गया है। शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो मां बेटे के शव से लिपटकर बेसुध सी हो गई। पूरे गांव में कोहराम मच गया। 

नगर कोतवाली क्षेत्र के प्रेमराजपुर मोहल्ला निवासी दीपक मौर्य उर्फ गोलू (20) के पिता मुन्नालाल मौर्य की मौत उस समय हो गई थी जब दीपक महज छह वर्ष का था। दीपक की परवरिश और उसकी पढ़ाई लिखाई अच्छे से हो सके इसके लिए उसके नाना मोतीलाल ने बेटी शीला को अपने घर जलालपुर थाना क्षेत्र के नेवादा गांव बुला लिया।

इसी बीच शीला को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नौकरी मिल गई। पति की मौत के बाद बेटे के साथ ही उनका जीवन कट रहा था। दीपक पढ़ने में भी होनहार था। पूरे परिवार को उससे काफी उम्मीदें भी थी। सोमवार को शाहगंज के पास हुए सड़क हादसे में शीला के जीवन का दीपक हमेसा के लिए बुझ गया।

शीला ने बेटे को सुबह चार बजे ही चाय नाश्ता बनाकर दिया और परीक्षा में अच्छे अंक लाने का आशीर्वाद देकर घर से भेजा था। लेकिन शीला को क्या पता था कि वह अपने इस कलेजे के टुकड़े को आखिरी बार भेज रही है। 
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दो युवकों की मौत से इजरी गांव में छाया मातम

शाहगंज के पास हुए सड़क हादसे में इजरी गांव के दो युवकों की मौत से पूरे गांव में मातम छाया है। हादसे की खबर लगते ही दोनों युवकों के घर लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों का करुण क्रंदन देख लोगों की आखें डबडबा गईं।  

गांव निवासी सुनील उपाध्याय का बेटा शुभम उपाध्याय आईटीआई का छात्र था। वह दो भाई व एक बहन में सबसे बड़ा था। अपने साथी जुगल सिंह और नेवादा गांव निवासी दीपक मौर्य को परीक्षा दिलाने के लिए वह सुबह घर से बाइक से निकला था।

शुभम सुबह पहले नेवादा गांव जाकर अपने साथी दीपक को बाइक पर बैठाया फिर इजरी गांव आकर दूसरे साथी जुगल सिंह को बाइक पर बैठा कर करीब 150 किलोमीटर दूर सुल्तानपुर जिले के कादीपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर जाने के लिए निकल पड़ा।

जहां रास्ते में तीनों साथी हादसे का शिकार हो गए। हादसे में मृत जुगल सिंह घर मे अपनी मां उर्मिला के साथ अकेले रहता था। पिता देहरादून में नौकरी करते हैं जबकि बड़ा भाई हर्षित सिंह कानपुर में पीएचडी कर रहे है। जुगल की मौत की सूचना पर भाई और पिता घर के लिए रवाना हो चुके हैं।
 
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