वाराणसी के रामनगर किले के दीवाने- खास में इस बार होली नहीं मनाई गई। परंपरा के अनुसार किले के जवाहर खाना में महाराज काशी नरेश होली के दिन किले से जुड़े लोगों और नगर के गणमान्य लोगों के साथ सादगी से अबीर गुलाल के साथ होली खेलते हैं।
नगर के गणमान्य लोग ढोल मजीरे के साथ किले में महाराज के साथ होली खेलने जाते हैं लेकिन इस वर्ष ऐसा नहीं हुआ । जब नगर के गणमान्य लोग पहुंचे तो उन्हे गार्ड ने गेट पर रोक दिया और कहा महाराज आज नही मिलेंगे। निराश होकर टोली किले से वापस बाहर आ गई।
इस संबंध मे एपी सिंह ने बताया कि फूफेरे भाई सांसद रेवती रमण के भाई त्रिवेणी रमन के निधन हो जाने के कारण बुढ़वा मंगल का आयोजन इस वर्ष स्थगित कर दिया गया है।
इससे पहले रामनगर में शुक्रवार को कोदोपुर , पुरानारामनगर, रामपुर शास्त्री चौक में मारपीट की छिटपुट घटना को छोड़कर होली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शुक्रवार को सुबह से ही युवकों की टोली मोहल्ले में ढोल मजीरे के साथ निकली।
फागुनी चैत के गीतों से माहौल सराबोर हो गया। वहीं 36वीं वाहिनी पीएसी, बाल संम्प्रेक्षण गृह ,वन विभाग ,सुधार गृह मे भी होली का पर्व मनाया गया। दोपहर बाद लोगों ने अपने-अपने परिचितों के घर जाकर अबीर, गुलाल लगाकर एक-दूसरे से गले मिले और बधाईयां दी।