मेट्रो रेल, रिंग रोड और सामनेघाट पुल बनने के बाद शहर का विस्तार तेजी से होने लगेगा और जमीन की कीमतें बढ़ेंगी। इसको देखते हुए निबंधन विभाग ने इन इलाकों में जमीन की रजिस्ट्री के लिए अधिक शुल्क वसूलने की योजना बनाई है। जिले में औसतन 15 फीसदी सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है लेकिन इन इलाकों में 25 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। कुछ जगहों पर 50 प्रतिशत तक वृद्धि की योजना है। आमतौर पर सर्किल दरों पर आपत्तियां जताने वाले दरें कम करने की मांग करते हैं लेकिन इन इलाकों में बढ़ाने की मांग की जा रही है। नया सर्किल रेट एक अगस्त से लागू किया जाना है।
आपत्तियों के अंतिम दिन शुक्रवार तक कुल सात आपत्तियां आईँ। इनका निस्तारण करने के लिए सोमवार को जिला रायफल क्लब में अधिकारियों की बैठक में होगा। इसमें प्रस्तावित सर्किल रेट में संशोधन के बाद लागू करने की सिफारिश की जाएगी। अब तक मिली सात आपत्तियों में से दो लोगों ने कुछ इलाकों बढ़ोतरी को प्रस्ताव को नाकाफी बताते हुए दरें और बढ़ाने की मांग की है। रामनगर के गोलाघाट, डोमरी, भीटी, सूजाबाद, व्यासपुर, डाफी, फरीदपुर, जाल्हूपुर, सुल्लानपुर में मौजूदा सर्किल रेट 4500 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर है, जिसे बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर किया जाना है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व महेंद्र कुमार राय ने बताया कि मेट्रो रूट, रिंग रोड, रामनगर में प्रस्तावित टर्मिनल वाले इलाकों में ही 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया गया है जबकि अन्य इलाकों में सर्किल रेट में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। वृक्षों, कुआं, बोरिंग, मिट्टी खनन के सर्किल रेट में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। कुछ इलाके ऐसे भी हैं, जहां दरें बिलकुल नहीं बढ़ाई जाएंगी। उप रजिस्ट्रार द्वितीय महेंद्र प्रताप यादव के अनुसार सुल्तानीपुर, बिठूर, दाऊदपुर, महमूदपुर, मोहनीडीह, भदवां, लखनपुर बरजी में प्रति वर्ग मीटर 7000 रुपये सर्किल रेट है और इसे यथावत रखने की योजना है।