काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन के वित्तीय अधिकारों में शासन ने बदलाव कर दिया है। अब वित्तीय अधिकार मंडलायुक्त से वापस लेकर जिलाधिकारी को दे दिया गया है। अब विश्वनाथ मंदिर के भुगतान से संबंधित एक लाख रुपये से ऊपर तक के चेक डीएम के हस्ताक्षर से जारी होंगे। यह अधिकार पहले मंडलायुक्त के पास था। अब मंडलायुक्त और मुख्य कार्यपालक समिति के चेयरमैन आरएम श्रीवास्तव सिर्फ प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति ही प्रदान करेंगे। प्रमुख सचिव (धर्मार्थ कार्य) की ओर से जारी शासनादेश के तहत विश्वनाथ मंदिर के वित्तीय आहरण संबंधी अधिकारों में संशोधन किया गया है।
अब तक प्रशासनिक-वित्तीय स्वीकृति के साथ ही आहरण-वितरण का अधिकार अब तक मंडलायुक्त के ही पास था लेकिन इसमें परिवर्तन कर दिया गया है। इसकी पुष्टि मुख्य कार्यपालक अधिकारी अजय कुमार अवस्थी ने सोमवार को की। उन्होंने बताया कि वित्तीय अधिकारों में बदलाव प्रभावी हो गया है। एक लाख रुपये तक के चेक जारी करने का अधिकार अब सीईओ के पास होगा, पहले सिर्फ 25 हजार रुपये तक के चेक जारी करने का ही अधिकार था। एक लाख रुपये से ऊपर तक के चेक पहले मंडलायुक्त के हस्ताक्षर से जारी होते थे लेकिन अब जिलाधिकारी चेक निर्गत करेंगे।