विभिन्न गैर प्रांतों, जनपदों से होकर ट्रक पर कोयला, सरिया, मोरंग, गिट्टी, खाद्य सामाग्री सहित अन्य समान लदे ट्रक सड़कों के किनारे खड़े होकर इस बात का इंतजार करने लगे कि शायद पुल से उन्हें जाने की हरी झंडी मिल जाए। इससे ताड़ीघाट-बारा, गाजीपुर-जमानिया मार्ग पर ट्रकों की लाइन लग गई।
चालक और खलासी गर्मी में दिक्कतें झेलते हुए भूख-प्यास से परेशान रहे। अन्य लोग इस बात से राहत में रहे कि छोटे वाहनों का संचालन पर प्रतिबंध नहीं लगा है। लोग यह चर्चा करते हुए ओवरलोड वाहनों के दौड़ने से बार-बार हमीद सेतु क्षतिग्रस्त हो रहा है। बावजूद इसके पुलिस सख्ती से इस पर रोक लगाने को लेकर गंभीर नहीं हो रही है। अंदर ओवरलोड वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से रोक नहीं लगी तो ऐसा भी हो सकता है कि एक दिन पूरी तरह से सेतु पर वाहनों का संचालन बंद हो जाए।
उपजिलाधिकारी(जमानिया) सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि हमीद सेतु के क्षतिग्रस्त होने से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक दी है। विभागीयकर्मी को सूचना दी गई है, जो स्थिति को देखने के बाद पुल की मरम्मत करेंगे। इसके साथ ही भारी वाहनों का आवागमन शुरू करने का आदेश देंगे। ओवरलोडिंग का खेल किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। इसमें जिसकी भी संलिप्तता पाई जाएगी, जांच के बाद उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।