निगरानी में मस्जिद खोदने के आदेश और पांच सदस्यीय कमेटी गठित करने के आदेश को अदालत के अधिकार क्षेत्र के बाहर का मामला बताया गया है। अब निगरानी याचिका के ग्राह्यता के बिंदु पर जिला जज की अदालत में 9 जुलाई को होगी।
निगरानी याचिका में प्राचीन मूर्ति लार्ड विशेश्वर, हरिहर पांडेय, वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी और मृत सोमनाथ व्यास व रामरंग शर्मा को पक्षकार बनाया गया। मामले में विश्वनाथ मंदिर के वाद मित्र की तरफ से ज्ञानवापी परिसर पुरातात्विक सर्वेक्षण कराकर धार्मिक स्वरूप निर्धारित करने, पूजा पाठ और नए मंदिर के निर्माण की अनुमति वर्ष 1991 से लंबित इस मामले में मांगी गई है, जिस पर पुरातात्विक सर्वेक्षण का कोर्ट ने आदेश दिया था।