काशी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दौरे के दौरान रविवार को एक वीडियो ट्वीट करना रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह को महंगा पड़ गया। पुलिस ने इस वीडियो को पुराना व गलत करार देते हुए सोशल मीडिया में भ्रामक तथ्यों के साथ अफवाह फैलाने के आरोप में सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
इस संबंध में एडीसीपी काशी जोन विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सूर्य प्रताप सिंह द्वारा किए गए ट्वीट की एसीपी भेलूपुर से जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि जो वीडियो ट्वीट किया गया है वह 24 सितंबर 2020 का है। उस दौरान नाले में शव मिलने के घटना की मजिस्ट्रेटियल जांच भी हुई थी। उस प्रकरण में कोई कार्रवाई अब शेष नहीं है।
सूर्य प्रताप सिंह ने पुराना वीडियो गलत तथ्यों के साथ ट्वीट कर सोशल मीडिया में अफवाह फैलाने और प्रशासन की छवि को धूमिल करने का काम किया है। इसलिए उनके खिलाफ पुलिस की ओर से लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उधर, सूर्य प्रताप सिंह ने पलटवार करते हुए ट्वीट कर लिखा कि ऑक्सीजन पर सवाल करने पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।