कंटेट से ज्यादा व्यूज और मोनेटाइजेशन पर ध्यान
प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि आज पॉडकास्ट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की गुणवत्ता से ज्यादा व्यूज और मोनेटाइजेशन पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे पत्रकारिता व्यक्ति-केंद्रित होती जा रही है। प्रो. सुरेश ने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं में आज भी उत्कृष्ट शोधपरक लेखन हो रहा है लेकिन पाठकों की संख्या घटती जा रही है।
यूट्यूब पत्रकारिता में जिम्मेदारी का अभाव
शिक्षाविद पूर्व कुलपति प्रो. केवी नागराज ने कहा कि सोशल मीडिया आज मोबोक्रेसी का रूप लेता जा रहा है। यूट्यूब पत्रकारिता में जिम्मेदारी और जवाबदेही का अभाव है। उन्होंने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज से जो श्रेष्ठ है, उसे लिजिए।